जयपुर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने दिल में जन्मजात छेद की समस्या से पीड़ित 35 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। यह जटिल सर्जरी सीनियर रोबोटिक कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. राहुल भुकर के निर्देशन में की गई। डॉ. राहुल भुकर ने बताया- मरीज लंबे समय से खांसी, सांस फूलने, बार-बार चेस्ट इंफेक्शन और उल्टी जैसी समस्याओं से जूझ रही थी। 2डी-ईको और अन्य जांचों में दिल में जन्मजात छेद यानी Atrial Septal Defect (एएसडी) की पुष्टि हुई। इसके बाद मरीज का रोबोटिक एएसडी क्लोजर तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया। ओपन सर्जरी की बजाय रोबोटिक तकनीक से की सर्जरी डॉक्टरों ने बताया- सामान्यतः इस प्रकार की समस्या में ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है, लेकिन इस मामले में रोबोटिक तकनीक का इलाज करते हुए लगभग 2 सेंटीमीटर के छोटे चीरे से सर्जरी की गई। इससे सर्जरी कम जटिल रही। वहीं शरीर पर बहुत छोटा निशान पड़ा और रिकवरी भी तेज रही। डॉ. भुकर ने बताया- रोबोट की मदद से इस तरह की यह प्रदेश में दूसरी सफल कार्डियक सर्जरी है, जो एपेक्स हॉस्पिटल में हुई है। सर्जरी के बाद मरीज को वेंटिलेटर से हटाकर सामान्य स्थिति में लाया गया और जल्द ही स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया। सर्जरी में कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ. प्रेमलता कृष्णमूर्ति, कार्डियक परफ्यूजनिस्ट श्याम, संस्कृति, नेमीचंद, आदित्य पंवार, सतेन्द्र कुमार सहित सीटीवीएस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।