प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में जयपुर में आज स्टूडेंट्स सड़क पर उतर आए। राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत 'रन अगेंस्ट पेपर लीक' नाम से 5 किलोमीटर मैराथन का आयोजन किया। इस दौरान पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं की मांग करते हुए पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई। इस अवसर पर NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक मनीष यादव और विधायक शिखा मील बराला सहित कई जनप्रतिनिधि और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। मैराथन से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने की मांग की मैराथन की शुरुआत राजस्थान विश्वविद्यालय के मेन गेट से हुई। प्रतिभागी अल्बर्ट हॉल तक दौड़े और वहां से वापस राजस्थान विश्वविद्यालय पहुंचकर मैराथन का समापन हुआ। पूरे मार्ग में छात्र-छात्राएं और NSUI कार्यकर्ता हाथों में बैनर और संदेश लिखी तख्तियां लेकर दौड़ते नजर आए। प्रतिभागियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की। जूली बोले- मेहनत का फल कोई और ले जाता है नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देशभर के छात्रों में पेपर लीक को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक और भ्रष्टाचार के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की आवाज़ को मजबूत करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। जाखड़ बोले- ये परीक्षा का मुद्दा नहीं. बल्कि युवाओं के भविष्य का सवाल वहीं, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और देश की प्रतिभा के साथ अन्याय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा। मैराथन के विजेताओं का सम्मान कार्यक्रम के समापन पर मैराथन के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। NSUI ने कहा कि 'छात्रों की गूंज' अभियान के माध्यम से देशभर में छात्रों की आवाज़ को मजबूती से उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग लगातार जारी रखी जाएगी।