प्रदेश के सभी जिलों के आरजीएचएस दवा विक्रेता सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे जयपुर में प्रदर्शन करने पहुंचे। अशोक नगर में डियर पार्क के पास न्यू आरजीएचएस ऑफिस, स्वास्थ्य भवन के सामने प्रादेशिक दवा विक्रेता समिति के बैनर तले सैंकड़ों की संख्या में आरजीएचएस दवा विक्रेताओं के पहुंचने पर गार्डों ने मुख्य दरावाजा बंद कर दिया। जिसके विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। हालांकि 1 घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बाद प्रादेशिक दवा विक्रेता समिति के अध्यक्ष विवेक विजयवर्गीय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया। वहीं स्वास्थ्य भवन के बाहर विरोध कर रहें आरजीएचएस दवा विक्रेता बोलें कि मुद्दा लंबे समय से लंबित भुगतान है। पिछले 11 महीनों से नियमित भुगतान नहीं हुआ है। उद्हारण देते हुए कहा कि जैसे किसी के 2 लाख रुपए बकाया है तो उसे केवल 10 हजार रुपए ही दिए गए है। अधिकृत केमिस्ट लंबे समय से भुगतान को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। बकाया भुगतान अब तक नहीं हुआ। इससे दवा विक्रेताओं में आक्रोश है। दवा विक्रेता जयपुर में सीईओ राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के दफ्तर के सामने हुंकार भरी है। दवा विक्रेताओं की प्रमुख मांगें: समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए निर्णय प्रक्रिया में केमिस्ट प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए TPA (Third Party Administrator) द्वारा होने वाले मनमाने कटौती/रिजेक्शन पर रोक लगे पूरी प्रणाली पारदर्शी और व्यवस्थित हो लंबित बकाया का एकमुश्त भुगतान तुरंत जारी किया जाए स्थिति का व्यापक असर अगर यह विवाद लंबा खिंचता है, तो इसका असर सीधे मरीजों पर पड़ सकता है, क्योंकि आरजीएचएस के तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाली दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।