जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में अटैच अस्पतालों से बिना सूचना दिए गंभीर मरीजों को रेफर नहीं किया जा सकेगा। SMS मेडिकल कॉलेज प्रशासन एक सप्ताह में नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इसके तहत अब जनाना, महिला चिकित्सालय, कांवटिया समेत दूसरे हॉस्पिटल गंभीर मरीजों, प्रसूताओं को बिना सूचना SMS हॉस्पिटल की इमरजेंसी में रेफर नहीं कर सकेंगे। दरअसल, लंबे समय से SMS मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल प्रशासन को शिकायतें मिल रही हैं कि बिना मरीज की सूचना के इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को रेफर ​किया जा रहा है। इस कारण न केवल मरीज और उनके परिजनों को परेशानी होती है, बल्कि इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ को भी उस मरीज के लिए आखिरी समय में मैनेजमेंट करने में परेशानी होती है। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी और हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने इन शिकायतों को देखते हुए नई एसओपी बनाकर जारी करने का निर्णय किया। नई एसओपी के तहत इमरजेंसी में अगर बिना सूचना दिए मरीज को रेफर किया गया तो संबं​धित यूनिट हेड और रेफर करने वाले डॉक्टर पर कार्रवाई का प्रावधान होगा। इसके अलावा मरीज की पूरी हिस्ट्री का भी प्रोफार्मा भरकर भेजना होगा। जांच और ट्रीटमेंट प्रक्रिया की भेजनी होगी डिटेल जनाना, महिला, कांव​टिया या गणगौरी समेत दूसरे अटैच हॉस्पिटल की इमरजेंसी में कोई मरीज दिखाने आया और उसे बिना जांच व इलाज के SMS हॉस्पिटल रेफर या भेजा गया तो उस पर भी एक्शन होगा। अटैच अस्पतालों की इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर को आने वाले मरीज की तमाम जांचें करनी होंगी और इलाज करना होगा। अगर मामला SMS हॉस्पिटल के स्तर का होता है तो उस मरीज की पूरी ट्रीटमेंट प्रक्रिया और जांच की रिपोर्ट एक प्रोफार्मा में भरकर ही उसे SMS के लिए रेफर करना होगा। मरीज रेफर करने से 45 मिनट पहले SMS हॉस्पिटल की इमरजेंसी में फोन करके सूचना देनी होगी। बिना सूचना पहुंच रहे गंभीर मरीज SMS हॉस्पिटल की इमरजेंसी के स्टाफ के अनुसार, पिछले दिनों ही जनाना हॉस्पिटल से तीन मरीज बिना सूचना रेफर होकर इमरजेंसी पहुंचे थे। स्टाफ का दावा है कि इन तीन मरीजों के आने की जानकारी तक नहीं दी गई थी। तीनों ही मरीजों की गंभीर स्थि​ति होने के कारण तुरंत इलाज और जरूरत पड़ने पर ICU उपलब्ध करवाना पड़ता है, लेकिन बिना पूर्व सूचना के एक साथ मरीज पहुंचने से इमरजेंसी की व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बेड-वेंटिलेटर मैनेज करने में परेशानी होती है SMS हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने बताया- हॉस्पिटल की इमरजेंसी में मरीजों का लोड बहुत ज्यादा रहता है। गंभीर मरीज जब भी बिना सूचना के रेफर होते हैं तो स्टाफ को अचानक ट्रीटमेंट के लिए जरूरी सामान, ICU बेड, वेंटिलेटर और दूसरे काम को मैनेज करने में परेशानी होती है।