राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने इस साल 4 महीने में साइबर ठगी के कुल 3.90 करोड़ रुपए होल्ड कराए। वहीं 50 से ज्यादा म्यूल अकाउंट में देशभर से 125 ठगी की शिकायतें मिली थी। पुलिस मुख्यालय की ओर से चलाए 'म्यूल हंटर ऑपरेशन' के तहत जयपुर वेस्ट पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस टीमों ने दबिश देकर साइबर क्राइम से जुड़े 23 क्रिमिनर्ल्स को गिरफ्तार किया। पुलिस की ओर से 9 केस दर्ज कर साइबर क्राइम से जुड़े विभिन्न गिरोह में शामिल क्रिमिनर्ल्स के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- गिरफ्तार आरोपी फेक या म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिए साइबर फ्रॉड की रकम का लेन-देन कर रहे थे। पकड़े गए आरोपी विभिन्न गिरोह के लिए बैंक अकाउंट्स उपलब्ध करवाकर ठगी के अवैध रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करते थे। 1.34 करोड़ रुपए रिकवर इस साल जनवरी से अप्रैल महीने तक साइबर फ्रॉड के कुल 3.90 करोड़ रुपए साइबर क्रिमिनर्ल्स के बैंक अकाउंट्स में होल्ड करवाए गए। साथ ही 1.34 करोड़ रुपए रिकवर कर रिफंड करवाए गए। इनमें 50 से ज्यादा म्यूल अकाउंट मिले। इन अकाउंट में एनसीआरपी पोर्टल पर करीब 125 से ज्यादा शिकायतें मिली। जांच में उन अकाउंट्स में 35 करोड़ से ज्यादा साइबर फ्रॉड के सबूत मिले। पुलिस ने आरोपियों से बड़ी संख्या में साइबर फ्रॉड में उपयोग लिए उपकरण और कैश जब्त किया है। 40 लाख के मोबाइल रिकवर जयपुर वेस्ट पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल और अन्य विभिन्न तकनीकी सहायता से गुम हुए 212 मोबाइल ट्रेस कर रिकवर किए हैं। रिकवर किए मोबाइल की कीमत करीब 40 लाख रुपए है। परिवादियों को उनके गुम हुए मोबाइल रिकवर कर लौटाए गए हैं। यह खबर भी पढ़ें… जयपुर पुलिस ने 2 करोड़ के मोबाइल बरामद किए:साइबर ठगी के 65.48 लाख रुपए पीड़ितों को वापस दिलवाए, 3.85 करोड़ होल्ड करवाए जयपुर पुलिस ने साल 2026 में खो चुके और चोरी हुए 790 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जयपुर ईस्ट पुलिस ने मोबाइल फोन की रिकवरी के लिए चलाए गए अभियान ‘ऑपरेशन री-कॉल’ के तहत ये कार्रवाई की। (पूरी खबर पढ़ें)