लघु उद्योग भारती, जयपुर एवं अलका गौड़ फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर में बिजनेस ग्रीट एंड मीट एवं स्किल ट्रेनिंग सेशन का आयोजन किया गया। होटल सोवेनियर पेपरमिंट में आयोजित इस कार्यक्रम में 300 से अधिक महिला उद्यमियों, स्टार्टअप फाउंडर्स, गृह उद्योग संचालिकाओं, प्रोफेशनल्स और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को व्यवसायिक नेटवर्किंग, कौशल विकास और नए व्यापारिक अवसरों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व जयपुर महापौर सौम्या गुर्जर ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर महिला ही आत्मनिर्भर समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने महिलाओं से नवाचार, तकनीक और आपसी सहयोग के माध्यम से अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया तथा ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताया। लघु उद्योग भारती की प्रांत महामंत्री सुनीता शर्मा ने कहा कि संगठन महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम महिलाओं को केवल व्यापारिक अवसर ही नहीं देते, बल्कि मजबूत नेटवर्क, आत्मविश्वास, बाजार से जुड़ाव और व्यवसाय विस्तार के नए रास्ते भी उपलब्ध कराते हैं। अलका गौड़ फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. अलका गौड़ ने कहा कि आज की महिला केवल परिवार की जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत शक्ति बनकर उभर रही है। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को सही प्रशिक्षण, प्रभावी मंच और मजबूत नेटवर्क मिले तो वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि अनेक लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकती हैं। डॉ. गौड़ ने कहा कि सावन, तीज और भारतीय पर्व केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि "वोकल फॉर लोकल", हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग और महिला उद्यमिता को नई पहचान दिलाने वाले बड़े आर्थिक अवसर भी हैं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर देते हुए महिलाओं से भारतीय त्योहारों को आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों के लिए विशेष बिजनेस नेटवर्किंग एवं स्किल ट्रेनिंग सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें व्यवसाय को बढ़ाने, बाजार की नई संभावनाओं, ब्रांडिंग, नेटवर्क निर्माण और उद्यमिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। प्रतिभागियों ने एक-दूसरे के साथ अनुभव साझा किए और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक पहलू तब देखने को मिला जब उपस्थित सभी महिला उद्यमियों को अंगदान (ऑर्गन डोनेशन) की शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं अंगदान के प्रति जागरूक रहेंगी और समाज में अधिक से अधिक लोगों को इस महादान के लिए प्रेरित करेंगी। आयोजकों ने कहा कि उद्यमिता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य था।