जैसलमेर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता सोमवार को कोतवाली थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि कारगिल विजय दिवस पर प्रस्तावित तिरंगा यात्रा की सूचना देने ABVP के कुछ पदाधिकारी कोतवाली थाने पहुंचे थे। जहां पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौच की और कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की की। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने थानाधिकारी सुरजाराम जाखड़ और हेड कॉन्स्टेबल दीपेंद्र सिंह शेखावत को सस्पेंड करने की मांग की है। इस पर थानाधिकारी सुरजाराम जाखड़ ने कहा- ABVP के लोग थाने में रैली की परमिशन के लिए आए थे। हमने SDM से परमिशन लाने को कहा। वे हमसे ही परमिशन चाहते थे। यह नियम संगत नहीं था। फिर भी हम उनकी मदद कर रहे थे। उनकी ओर से लगाए जा रहे आरोप सरासर गलत हैं। किसी ने उनके साथ अभद्रता नहीं की। कलेक्टर और एसपी ऑफिस भी गए थे प्रदर्शनकारियों ने बताया- हम धक्का-मुक्की की शिकायत और मांगें लेकर पहले जिला कलेक्टर और एसपी के पास गए, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद शहर कोतवाली पहुंचे और थाने के मुख्यद्वार के बाहर धरने पर बैठ गए। ​ABVP के विभाग संयोजक कर्णपाल सिंह कोटड़ा और जिला संयोजक पेम्पसिंह भाटी ने कहा- 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के मौके पर प्रस्तावित तिरंगा यात्रा के संबंध में नियमानुसार पुलिस को सूचना देने थाने गए थे। सूचना लेने के बजाय गलत व्यवहार किया गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रदर्शन को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं।