जैसलमेर जिले सहित सीमावर्ती इलाकों में शनिवार को आए भीषण अंधड़ और मूसलाधार बारिश ने डिस्कॉम के विद्युत नेटवर्क को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस मौसमी आपदा के कारण डिस्कॉम को करीब 3.43 करोड़ रुपए का वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि जिले के 594 गांवों की बत्ती पूरी तरह गुल हो गई और हजारों की आबादी अंधेरे में डूब गई। बुनियादी ढांचे को पहुंचे इस बड़े झटके के बाद ग्रामीण अंचलों में जनजीवन पूरी तरह ठहर गया है और विभाग के सामने व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। एसई भेराराम के अनुसार, कई प्रभावित इलाकों में मरम्मत का काम पूरा कर बिजली आपूर्ति को दोबारा सही (बहाल) कर दिया गया है। वहीं, बाकी बचे हुए क्षेत्रों में भी टीमें तेजी से काम में जुटी हैं, जिन्हें जल्द ही दुरुस्त कर पूरी बिजली सप्लाई को ऑन कर दिया जाएगा। 4229 बिजली के पोल गिरे, 160 से अधिक ट्रांसफार्मर हुए ठप मरुस्थलीय क्षेत्र में शनिवार की शाम आई तेज आंधी अपने पीछे भारी तबाही के निशान छोड़ गई है। आंधी के तेज थपेड़ों और भारी बारिश के कारण डिस्कॉम का पूरा तंत्र धाराशायी हो गया। शुरुआती सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, जिले भर में कुल 4229 बिजली के पोल (खंभे) ढह गए। हाई-वोल्टेज और लो-वोल्टेज लाइनों के आपस में टकराने और पोल गिरने से 160 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर और 1 बड़ा पावर ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। ट्रांसफार्मर जलने और गिरने के कारण संबंधित क्षेत्रों में बिजली बहाली का काम और अधिक जटिल हो गया है। 1169 फीडरों के बंद होने से ठप रही सप्लाई इस मौसमी बदलाव का सबसे बड़ा असर बिजली की मुख्य सप्लाई लाइनों पर पड़ा। अंधड़ के कारण सुरक्षा के लिहाज से और तकनीकी खराबी की वजह से कुल 1169 फीडर बंद करने पड़े। इसमें 33 केवी के 66 फीडर पूरी तरह ठप हो गए, जबकि 11 केवी के 1103 फीडर में तकनीकी खराबी आने से बिजली की आपूर्ति रुक गई। फीडर बंद होने से जैसलमेर के ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ कई ढाणियां भी मुख्य ग्रिड से कट गईं, जिससे पानी की सप्लाई और रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए हैं। 300 से ज्यादा टीमें मरम्मत में जुटी व्यापक स्तर पर हुए इस नुकसान के बाद डिस्कॉम प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। डिस्कॉम के एसई (SE) भेराराम ने बताया कि जिले में बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए 300 से ज्यादा टीमों को फील्ड में उतारा गया है। ये टीमें दिन-रात युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। एसई भेराराम के अनुसार, कई प्रभावित इलाकों में मरम्मत का काम पूरा कर बिजली आपूर्ति को दोबारा सही (बहाल) कर दिया गया है। वहीं, बाकी बचे हुए क्षेत्रों में भी टीमें तेजी से काम में जुटी हैं, जिन्हें जल्द ही दुरुस्त कर पूरी बिजली सप्लाई को ऑन कर दिया जाएगा।