जैसलमेर शहर के बबरमगरा क्षेत्र में बुधवार रात एक रहवासी मकान में पानी के खाली हौद में दो खतरनाक कोबरा सांप दिखाई दिए। घटना रात करीब 7 से 8 बजे के बीच की है, जब हौद में पानी भरने की तैयारी चल रही थी। टैंकर का पाइप लगाते ही हौद के भीतर हलचल हुई और नागिन अपने बच्चे के साथ अंदर फंसी नजर आई। परिवार ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय वन्यजीव और सर्प मित्र साहिल खान को दी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों सांपों को सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल में छोड़ा, जिससे स्थानीय लोगों ने चैन की सांस ली। पानी के हौद में फंसा था सांप का परिवार बबरमगरा निवासी एक परिवार के घर में बना पानी का हौद पूरी तरह से खाली था। बुधवार की शाम को घर में पानी की आवश्यकता के चलते टैंकर मंगवाया गया था। जैसे ही पानी के टैंकर का पाइप हौद में डाला गया, पानी की आवाज और पाइप की हलचल से अंदर छिपे बैठे सांप बाहर आ गए। खाली हौद के अंदर एक बड़ा कोबरा और उसके साथ उसका बच्चा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। इस सनसनीखेज घटना के तुरंत बाद घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंचे स्नेक कैचर मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्थानीय स्नेक कैचर साहिल खान और उनके सहयोगी ईश्वर को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही दोनों अपनी आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। हौद गहरा होने और कोबरा जैसी अत्यंत विषैली प्रजाति होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। सर्प मित्रों ने स्थिति का जायजा लिया और बिना किसी जल्दबाजी के हौद में उतरकर सांपों को सुरक्षित पकड़ने की योजना बनाई। 30 से 40 मिनट तक चला रेस्क्यू अभियान साहिल खान और उनके सहयोगी ईश्वर ने करीब 30 से 40 मिनट तक लगातार सूझबूझ और सावधानी के साथ प्रयास किया। कोबरा और उसके बच्चे को हौद के कोने से निकालकर सुरक्षित रूप से रेस्क्यू बैग में कैद किया गया। इस दौरान आसपास के लोगों की धड़कनें थमी रहीं। दोनों सर्प मित्रों के कुशल अनुभव के चलते यह रेस्क्यू बिना किसी अनहोनी के पूरी तरह सफल रहा। सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया सफलतापूर्वक रेस्क्यू करने के बाद स्नेक कैचर टीम ने दोनों जहरीले सांपों को शहर से दूर एक सुरक्षित और घने प्राकृतिक जंगल में छोड़ दिया। जानकारों का मानना है कि गर्मी या पानी की तलाश में ये जीव अक्सर रिहायशी इलाकों की तरफ रुख कर लेते हैं। समय रहते सही सूचना मिलने और कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया।