जैसलमेर जिला उपभोक्ता आयोग ने वोल्वो बस के एक्सीडेंट क्लेम को बिना वजह रोकने के मामले में यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी को करीब 22 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी की ओर से कागजात अधूरे बताकर क्लेम खारिज करने को सेवा में कमी माना। आदेश में क्लेम राशि ब्याज सहित देने, मानसिक और आर्थिक नुकसान का हर्जाना चुकाने और तय समय में भुगतान नहीं करने पर ज्यादा ब्याज देने के निर्देश दिए गए हैं। बस एक्सीडेंट के बाद अटकाया गया क्लेम जैसलमेर निवासी बस मालिक निर्मल पुरोहित ने अपनी वोल्वो बस का यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी से 1,08,543 रुपये का प्रीमियम देकर पूरा बीमा करवाया था। यह पॉलिसी साल 2022 से 2023 तक के लिए थी। 25 जनवरी 2023 की आधी रात रामजी के गोल इलाके में सड़क किनारे खड़ी उनकी बस को पीछे से एक ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सभी कागजात देने के बाद भी क्लेम खारिज किया हादसे के बाद बस मालिक ने तुरंत बीमा कंपनी को सूचना दी और सर्वे भी कराया। कंपनी की ओर से मांगे गए सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स और हस्ताक्षर किए हुए क्लेम फॉर्म भी जमा कराए गए। इसके बावजूद कंपनी लगातार टालमटोल करती रही। बाद में 'जांच चल रही है' और 'कागजात अधूरे हैं' जैसे कारण बताते हुए क्लेम खारिज कर दिया। समय पर क्लेम नहीं मिलने से बस दोबारा रूट पर नहीं चल सकी, जिससे बस मालिक को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी। आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए दिया फैसला मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गौड़ की पीठ ने की। आयोग ने बीमा कंपनी की कार्रवाई को सेवा में कमी माना और पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी को 17,82,247 रुपये की क्लेम राशि शिकायत दर्ज होने की तारीख 3 जुलाई 2024 से भुगतान होने तक 6 फीसदी सालाना ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। इसके अलावा मानसिक और आर्थिक नुकसान के लिए 4 लाख रुपये तथा अदालती खर्च के रूप में 5,000 रुपये अलग से देने के निर्देश दिए गए। 45 दिन में भुगतान नहीं किया तो देना होगा ज्यादा ब्याज आयोग ने आदेश दिया कि कंपनी 45 दिन के भीतर पूरी राशि का भुगतान करे। यदि तय समय में भुगतान नहीं किया गया तो पूरी राशि पर 6 फीसदी की जगह 9 फीसदी सालाना ब्याज देना होगा।