जैसलमेर उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक किसान के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को रामगढ़ के किसान भूर सिंह को वर्ष 2020 की रबी सीजन में खराब हुई चने की फसल का 1,62,885 रुपए का बीमा क्लेम देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही 28 मार्च 2022 से 6 प्रतिशत सालाना ब्याज, 10 हजार रुपए हर्जाना और 5 हजार रुपए कोर्ट खर्च भी देने को कहा है। प्रीमियम कटने के बाद भी नहीं मिला क्लेम मामला रामगढ़ उपनिवेशन क्षेत्र का है। किसान भूर सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए बैंक से लोन लिया था। साल 2020 की रबी सीजन में बैंक ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उनके खाते से 3,257 रुपए प्रीमियम काटकर बीमा कंपनी को जमा कर दिए थे। यानी किसान की तरफ से बीमा की सभी शर्तें पूरी कर दी गई थीं। फसल खराब हुई तो कंपनी ने दावा ठुकराया साल 2020-21 में खराब मौसम और अकाल जैसी स्थिति के कारण रामगढ़ इलाके में चने की फसल खराब हो गई। इलाके के दूसरे किसानों को बीमा क्लेम मिल गया, लेकिन भूर सिंह के खाते में राशि नहीं आई। जब किसान ने बीमा कंपनी से संपर्क किया तो पता चला कि कंपनी ने गलत जानकारी का हवाला देकर उनका क्लेम खारिज कर दिया था, जबकि प्रीमियम पहले ही जमा हो चुका था। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी क्लेम नहीं मिलने पर किसान ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत की। सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि किसान की आजीविका खेती पर निर्भर है और क्लेम नहीं मिलने से उसे आर्थिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ी। आयोग ने बीमा कंपनी के इस रवैये को सेवा में लापरवाही माना और किसान के पक्ष में फैसला सुनाया। 45 दिन में भुगतान नहीं किया तो बढ़ेगा ब्याज आयोग ने बीमा कंपनी को 45 दिन के भीतर पूरी राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। तय समय में भुगतान नहीं होने पर कंपनी को 6 प्रतिशत की जगह 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा। इस फैसले के बाद क्षेत्र के दूसरे किसानों को भी न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।