जैसलमेर में इस बार जून का महीना तेज गर्मी और बहुत कम बारिश के साथ बीता है। मौसम विभाग के अनुसार जनवरी से जून 2026 तक जिले में सिर्फ 35.8 एमएम बारिश हुई है, जो पिछले 10 साल में इस अवधि की सबसे कम बारिश है। कम बारिश के कारण गर्मी लगातार बनी हुई है। अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो पेयजल संकट बढ़ सकता है और खरीफ फसलों की बुआई भी प्रभावित हो सकती है। जून में सिर्फ 19.2 एमएम बारिश पिछले पांच साल के आंकड़ों के अनुसार इस बार जून सबसे सूखा रहा। पूरे महीने में केवल 19.2 एमएम औसत बारिश दर्ज की गई। हर साल जून में प्री-मानसून की बारिश के बाद किसान खरीफ फसलों की बुआई शुरू कर देते थे, लेकिन इस बार बारिश कम होने से खेत खाली पड़े हैं और किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। 10 साल में सबसे कम छमाही बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून तक जिले में कुल 35.8 एमएम बारिश हुई है। यह पिछले 10 साल में छह महीने के दौरान सबसे कम बारिश है। आमतौर पर जनवरी से मार्च के बीच वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और जून में प्री-मानसून की वजह से अच्छी बारिश हो जाती थी, लेकिन इस साल दोनों ही सिस्टम कमजोर रहे। तुलना करें तो साल 2023 में इसी अवधि में 127.9 एमएम बारिश हुई थी, जबकि इस साल यह घटकर सिर्फ 35.8 एमएम रह गई। मानसूनी हवाएं आगे नहीं बढ़ीं कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि इस बार वायुमंडल की ऊपरी परतों में सूखी हवाओं का दबाव ज्यादा रहा। वहीं हिंद महासागर और अरब सागर से आने वाली मानसूनी हवाओं को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल मौसम नहीं मिला। उन्होंने बताया कि हर साल जून के दूसरे और तीसरे सप्ताह में जैसलमेर और आसपास के इलाकों में प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय हो जाता था, लेकिन इस बार यह कमजोर रहा। सुपर अलनीनो के असर से धूलभरी आंधियां ज्यादा चलीं और बारिश नहीं हो सकी। इसका असर तापमान पर भी पड़ा और अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।