जैसलमेर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण हनुमान चौराहा पर करीब 90 लाख रुपए की लागत से क्लॉक टावर (घंटाघर) का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का टेंडर जारी हो चुका है और निर्माण कार्य इसी महीने शुरू होने की संभावना है। नगरपरिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि आगामी चार महीनों में, यानी पर्यटन सीजन के पीक तक इसे तैयार कर जनता को समर्पित कर दिया जाए। 40 फीट ऊंचे इस विशाल हेरिटेज क्लॉक टॉवर में चारों दिशाओं में हनुमान जी की प्रतिमा भी पत्थरों पर उकेरी जाएगी। चार मंजिला संरचना और राजस्थानी छतरी बनेगी मुख्य आकर्षण प्रस्तावित क्लॉक टावर की ऊंचाई 40 फीट होगी, जो 10x10 वर्ग फीट की चौड़ाई वाली संरचना पर खड़ा होगा। यह टावर पूरी तरह से जैसलमेरी पीले पत्थर से निर्मित एक हेरिटेज इमारत होगी। इसकी बनावट में स्थानीय स्थापत्य कला का विशेष ध्यान रखा गया है। यह टावर चार मंजिला होगा, जिसकी सबसे ऊपरी यानी चौथी मंजिल पर राजस्थानी शैली की पारंपरिक छतरी बनाई जाएगी। टावर के चारों ओर बड़ी घड़ियां लगाई जाएंगी, जिससे हर दिशा से समय देखा जा सकेगा। पत्थरों पर उकेरी जाएगी हनुमान जी जैसी बारीक नक्काशी इस क्लॉक टावर की सबसे बड़ी खासियत इसकी नक्काशी होगी। टावर के पत्थरों पर ठीक उसी तरह की बारीक कार्विंग की जाएगी, जैसी हनुमान जी की प्रतिमा या प्राचीन मंदिरों में देखने को मिलती है। यह बारीक काम इस टावर को आधुनिक निर्माण से अलग एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करेगा। पूरे सर्कल क्षेत्र में टावर के चारों ओर रंगीन फव्वारे लगाए जाएंगे और सुरक्षा के लिहाज से आकर्षक रैलिंग भी स्थापित की जाएगी। यातायात सुधार के साथ बढ़ेगा पर्यटन आकर्षण हनुमान चौराहा शहर का वह केंद्र है जहाँ से कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल और मुख्य विद्यालय के लिए मार्ग निकलते हैं। वर्तमान में यहाँ सर्कल का बड़ा आकार और टूटी रैलिंग यातायात में बाधा बनती है। नगरपरिषद आयुक्त के अनुसार, नए डिजाइन में सर्कल के आकार को व्यवस्थित किया जाएगा ताकि वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके। इस सौंदर्यीकरण के बाद यह चौराहा न केवल स्थानीय निवासियों के लिए गौरव का विषय होगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक नया सेल्फी पॉइंट और मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा। नगरपरिषद द्वारा इस कार्य को इसी सीजन में पूरा करने की समय सीमा तय की गई है।