जैसलमेर जिले में शुक्रवार को मौसम के दोहरे तेवर देखने को मिले। जिला मुख्यालय पर सुबह से ही तीखी धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी, जबकि दोपहर बाद ग्रामीण इलाकों में धूल भरी आंधी चलने लगी। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए जिले में धूल भरी आंधी और लू चलने का अलर्ट जारी किया है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि आंधी के बावजूद बारिश नहीं हुई। उमस से बाजारों में कम हुई आवाजाही शुक्रवार सुबह से ही सूरज के तेवर कड़े रहे। दोपहर होते-होते हवा की रफ्तार लगभग थम गई, जिससे उमस तेजी से बढ़ गई। बंद हवा और गर्मी के कारण लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। इसका असर शहर के व्यापारिक इलाकों पर भी दिखाई दिया और दोपहर के समय मुख्य बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम रही। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नमी होने के बावजूद नहीं टिक पा रहे बादल मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आसमान में नमी मौजूद है, लेकिन तेज हवाओं के कारण बादल टिक नहीं पा रहे हैं। इसी वजह से जिले में बारिश की स्थिति नहीं बन रही है। विभाग ने आगामी 48 घंटों में धूल भरी आंधी और लू चलने की संभावना जताई है। ग्रामीण इलाकों में चली तेज आंधी शहर से दूर ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर बाद मौसम अचानक बदल गया। रासला, देवीकोट, नया रासला, अचला, मुलाना, लाला और कराडा सहित आसपास के कई गांवों में तेज धूल भरी आंधी चली। आंधी के कारण तापमान में कुछ गिरावट जरूर दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से मामूली राहत मिली, लेकिन क्षेत्र में बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे स्थानीय किसान बारिश नहीं होने से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि लगातार सूखे मौसम के कारण खेती को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।