जैसलमेर जिला मुख्यालय सोमवार को पूरे प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया। वहीं मंगलवार को सुबह 9 बजे से ही धूप सताने लगी। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। जैसलमेर का अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और पारा बढ़ने का अनुमान जताया है। नगर परिषद कमिश्नर लजपाल सिंह ने बताया कि शहर के प्रमुख चार स्थानों, जहां राहगीरों और मजदूरों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां विशेष रूप से टेंट लगाए गए हैं। इन टेंटों के नीचे बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ ठंडे पानी के कैंपर भी रखवाए गए हैं ताकि धूप में निकलने वाले लोगों को कुछ देर राहत मिल सके। हमने फिलहाल चार मुख्य जगहों पर छाया और पानी का इंतजाम किया है। अगर आने वाले दिनों में पारा और चढ़ता है और लू का प्रकोप बढ़ता है, तो शहर की मुख्य सड़कों पर नगर परिषद के टैंकरों के जरिए पानी का छिड़काव भी करवाया जाएगा ताकि हीट वेव के असर को कम किया जा सके। देखें तस्वीरें… 47 डिग्री तक जा सकता है पारा मौसम केंद्र के अनुसार, आगामी 7 दिनों तक आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले 24 घंटों में पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं (पछुआ हवाएं) चलेंगी, जो सीधे तौर पर तापमान को बढ़ाएंगी। जानकारों का कहना है कि मई का दूसरा पखवाड़ा जैसलमेर के लिए हमेशा कठिन रहता है और इस बार पारा 45 से 47 डिग्री के रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है। भीषण गर्मी को देखते हुए डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से परहेज करें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सिर को सूती कपड़े से ढककर रखें। शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए छाछ, नींबू पानी और ओआरएस का नियमित सेवन करते रहें।