जैसलमेर में अप्रैल के आखिरी दिनों में तापमान में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है और मौसम विभाग ने 1 व 2 मई के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को तापमान 42.6 डिग्री तक पहुंचा, जबकि न्यूनतम 28 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। अगले 48 घंटों में पारा 46 से 48 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। 3 मई को लू के साथ तेज आंधी चलने का पूर्वानुमान है, जिससे तापमान स्थिर रह सकता है लेकिन उमस बढ़ेगी। सुबह से तेज धूप, दोपहर में लू का असर शहर में सुबह से ही तेज धूप रही और दोपहर में लू के थपेड़ों के कारण सड़कों पर आवाजाही कम रही। कुछ दिन पहले हवाओं के कारण तापमान में 6 डिग्री तक गिरावट आई थी, लेकिन अब फिर से बढ़ोतरी शुरू हो गई है और बुधवार को करीब 2 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया। पारे में 2 डिग्री की उछाल, अब 48 डिग्री की तैयारी मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अधिकतम तापमान में सीधे तौर पर 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शहर का अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटों में गर्मी का सितम और बढ़ेगा। पिछले 10 सालों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो मई का महीना हमेशा सबसे अधिक गर्म रहा है। इस बार आशंका जताई जा रही है कि पारा 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 3 मई को बदलेगा मिजाज, लू के साथ आएगी आंधी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 और 2 मई को भीषण 'हीटवेव' का अलर्ट जारी किया गया है। इन दो दिनों में गर्म पछुआ हवाएं अपने चरम पर होंगी। हालांकि, 3 मई को मौसम का एक अलग रूप देखने को मिलेगा। इस दिन लू के साथ-साथ तेज रफ्तार आंधी चलने का पूर्वानुमान है। यह आंधी कुछ हद तक तापमान को स्थिर कर सकती है, लेकिन उमस की समस्या बढ़ जाएगी। एसी और कूलर भी होंगे बेबस विशेषज्ञों के मुताबिक, मई महीने में केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी तपाएंगी। रात का न्यूनतम तापमान 30 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। लगातार गर्मी और हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस का अहसास ज्यादा होगा, जिससे घरों में लगे एसी और कूलर भी बेअसर नजर आएंगे। उमस भरी गर्मी हीटस्ट्रोक के खतरे को और अधिक बढ़ा देती है। लापरवाही पड़ सकती है भारी बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 'येलो अलर्ट' की तर्ज पर एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर जाने से बचें। बाहर जाते समय सिर और चेहरे को सूती कपड़े से ढकें। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए प्यास न होने पर भी पानी पीते रहें। ओआरएस घोल, नींबू पानी और छाछ का सेवन बढ़ा दें। यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द या उल्टी जैसा महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, यह हीटस्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। मई की यह तपिश न केवल इंसानों बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होने वाली है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस भीषण गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं।