जैसलमेर के बड़ाबाग मार्ग पर मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे में राशन डीलर की मौत के बाद चल रहा धरना बुधवार की शाम जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद खत्म हो गया। जैसलमेर-पोकरण विधायकों द्वारा मृतक कमल किशोर प्रजापत (50) के परिजनों की मांगों को सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद मॉर्च्युरी के बाहर जारी धरना समाप्त हो गया। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे थे परिजन मंगलवार को ट्रक ने बाइक सवार राशन डीलर को कुचल दिया था। इसके बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। परिजन शव को जवाहिर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखकर वहीं बाहर धरने पर बैठ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि भी धरनास्थल पर पहुंचे। जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी, भाजपा जिलाध्यक्ष दलपत हींगड़ा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर जवाहिर हॉस्पिटल पहुंचे और परिजनों से वार्ता कर उन्हें ढांढस बंधाया। परिजनों ने रखी 50 लाख और नौकरी की मांग धरने के दौरान परिजनों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने मुख्य रूप से दो मांगें रखी थी। इनमें पहली मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी दी जाए और दूसरी पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। आश्वासन के बाद माना परिवार, शव ले गए किशनघाट जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी और पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी ने परिजनों को समझाइश देते हुए आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से रखकर जल्द से जल्द पूरा करवाया जाएगा। दोनों विधायकों के ठोस आश्वासन के बाद परिजन सहमत हुए और धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद प्रशासन ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद परिजन शव को किशनघाट स्थित अपने निवास लेकर गए। मौके पर मौजूद रहे प्रशासनिक अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। जैसलमेर एसडीएम रामलाल मीणा, तहसीलदार राजेंद्र करण और जिला रसद विभाग से प्रवर्तन अधिकारी सवाई राम की भी मौजूदगी रही।