जैसलमेर में गुरुवार को प्रशासनिक लीडरशिप में बड़ा बदलाव देखने को मिला। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की सीनियर ऑफिसर अनुपमा जोरवाल ने जैसलमेर की 67वीं जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। उनकी जॉइनिंग के साथ ही जिले के एडमिनिस्ट्रेशन में नई एनर्जी और स्पीड आने की उम्मीद जताई जा रही है। उन्होंने कहा- जैसलमेर में टूरिज्म डेवलपमेंट को गति देना और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना उनके विजन का हिस्सा है। साथ ही शिक्षा व चिकित्सा के साथ पानी बिजली की समस्या को दूर करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ की पहली मीटिंग पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद कलक्टर जोरवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक इंट्रोडक्टरी मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने जिले की वर्तमान एडमिनिस्ट्रेटिव एक्टिविटीज, पब्लिक वेलफेयर स्कीम्स और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रोग्रेस की जानकारी ली। उन्होंने साफ किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए। पुरानी जानकारी का मिलेगा जिले को फायदा अनुपमा जोरवाल इससे पहले जयपुर में समग्र शिक्षा अभियान में प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं। खास बात यह है कि उनका जैसलमेर से पुराना जुड़ाव और अनुभव रहा है। ऐसे में उन्हें जिले की लोकल जरूरतों और चुनौतियों की गहरी समझ है, जिसका सीधा फायदा जिले के डेवलपमेंट को मिलेगा। इन तीन पॉइंट्स पर रहेगा फोकस अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने अपनी वर्किंग स्टाइल के तीन मुख्य पिलर्स बताए। उन्होंने बताया- आम जनता से जुड़े कामों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बरती जाएगी। पब्लिक की समस्याओं का तुरंत और इफेक्टिव समाधान सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। साथ ही जैसलमेर में टूरिज्म डेवलपमेंट को गति देना और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना उनके विजन का हिस्सा है। अधिकारियों ने किया स्वागत इस मौके पर ADM परसाराम सैनी, एसडीएम सक्षम गोयल, असिस्टेंट कलक्टर रोहित वर्मा और सहित अन्य अधिकारियों ने बुके भेंट कर उनका अभिनंदन किया। सभी अधिकारियों ने नए कलक्टर के नेतृत्व में जिले के सर्वांगीण विकास का भरोसा जताया।