राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसी क्रम में जैसलमेर के जिला कलेक्टर प्रताप सिंह का तबादला कर दिया गया है और उनकी जगह अनुभवी आईएएस अधिकारी अनुपमा जोरवाल को जिले की नई कलेक्टर नियुक्त किया गया है। यह बदलाव राज्य में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। ढाई साल का कार्यकाल, दूसरे सबसे लंबे समय तक रहे कलेक्टर जैसलमेर में प्रताप सिंह का कार्यकाल करीब ढाई साल का रहा, जो जिले के इतिहास में दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल के रूप में दर्ज हुआ है। उनसे पहले ललित के पंवार लगभग तीन साल तक लगातार इस पद पर रहे थे। अपने कार्यकाल के दौरान प्रताप सिंह ने कई प्रशासनिक पहल और योजनाओं के जरिए जिले में सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे उनका कार्यकाल चर्चा में रहा। अब वित्त विभाग में संभालेंगे अहम जिम्मेदारी 31 मार्च 2026 को जारी स्थानांतरण सूची के अनुसार, प्रताप सिंह (IAS 2016) को जयपुर में संयुक्त शासन सचिव, वित्त (व्यय-II) विभाग के पद पर नियुक्त किया गया है। यह विभाग राज्य की वित्तीय योजनाओं और व्यय प्रबंधन से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व संभालता है, जहां उनकी प्रशासनिक क्षमता का उपयोग किया जाएगा। अनुभव का फायदा: जैसलमेर में जोरवाल की वापसी आईएएस अनुपमा जोरवाल (IAS 2011) फिलहाल जयपुर में समग्र शिक्षा अभियान (SMSA) की राज्य परियोजना निदेशक के रूप में कार्यरत थीं। वे पहले भी जैसलमेर में कलेक्टर रह चुकी हैं, ऐसे में जिले की भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक जरूरतों से भली-भांति परिचित हैं। उनकी वापसी से प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता और गति आने की उम्मीद जताई जा रही है। बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा यह नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक प्रशासनिक बदलाव का हिस्सा है, जिसमें कुल 65 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। इस फेरबदल में जैसलमेर के साथ जयपुर, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर जैसे प्रमुख जिलों में भी कलेक्टर स्तर पर बदलाव किए गए हैं। इसे प्रशासनिक मजबूती और बेहतर शासन व्यवस्था के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कार्मिक विभाग द्वारा 31 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार सभी 65 IAS अधिकारियों की संशोधित तबादला सूची नीचे दी गई है: निशांत जैन (IAS 2015), जिला कलक्टर बीकानेर को अपने पद के साथ-साथ आगामी आदेशों तक अध्यक्ष, बीकानेर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है ।