भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की बाड़मेर टीम ने सोमवार को जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ में कार्रवाई करते हुए पशुपालन विभाग के एक पशुधन सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मोहनगढ़ कार्यालय में तैनात पशुधन सहायक सोनू को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया। वहीं मामले में विभाग के पशु चिकित्सक डॉ. राघव को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उष्ट्र संरक्षण योजना की राशि जारी करने के बदले मांगी रिश्वत बाड़मेर एसीबी के एडिशनल एसपी नरेंद्र इनखिया ने बताया कि परिवादी ने एसीबी चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि सरकार की उष्ट्र संरक्षण योजना के तहत उसे 10-10 हजार रुपए की अनुदान राशि मिलनी थी। परिवादी के अनुसार इस अनुदान राशि को मंजूर करवाने और भुगतान दिलाने के बदले पशुधन सहायक सोनू ने उससे कुल 4 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। 1 हजार रुपए पहले ले चुका था आरोपी शिकायत के अनुसार आरोपी पशुधन सहायक पहले ही परिवादी से 1 हजार रुपए ले चुका था। बाकी 3 हजार रुपए सोमवार को देने तय हुए थे। शिकायत का गोपनीय सत्यापन करने के बाद एसीबी टीम ने मोहनगढ़ में जाल बिछाया और कार्रवाई की तैयारी की। 3 हजार रुपए लेते ही एसीबी ने दबोचा सोमवार को जैसे ही परिवादी ने कार्यालय पहुंचकर आरोपी सोनू को 3 हजार रुपए की केमिकल लगे नोटों वाली राशि दी, एसीबी टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। एडिशनल एसपी नरेंद्र इनखिया के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथ धुलवाए गए। जांच के दौरान पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। डॉ. राघव से भी पूछताछ जारी एसीबी की जांच इस मामले में केवल पशुधन सहायक तक सीमित नहीं है। मोहनगढ़ पशु चिकित्सालय में तैनात डॉ. राघव की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एसीबी टीम ने डॉ. राघव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत मामले में उनकी क्या भूमिका थी और क्या इस मामले में उनकी भी कोई भागीदारी थी। समाचार लिखे जाने तक एसीबी टीम आरोपियों के ठिकानों की तलाशी और अन्य कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई थी।