जैसलमेर जिले में करीब 20 दिनों के लंबे इंतजार के बाद बुधवार को मानसून ने फिर से वापसी की। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई।जिले के नाचना, मोहनगढ़, चांधन और जैसलमेर शहर में हुई इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है। वहीं, खेतों में पानी का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। हालांकि, तेज बारिश के कारण शहर के जवाहिर हॉस्पिटल परिसर में पानी भर गया, जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। नगर परिषद की टीम ने मशीनों से पानी की निकासी की। लम्बे समय बाद गर्मी व उमस से मिली राहत सीमावर्ती जिले में पिछले तीन हफ्तों से लोग तेज धूप और भीषण उमस से परेशान थे। बुधवार शाम करीब 4 बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए। पहले हल्की आंधी चली और बूंदाबांदी हुई, लेकिन देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। लगभग आधे घंटे तक हुई तेज बारिश ने पूरे शहर को भिगो दिया और मौसम बेहद सुहावना हो गया। किसानों के चेहरे खिले, फसलों को मिलेगा जीवनदान जिले के ग्रामीण इलाकों नाचना, मोहनगढ़ और चांधन में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसान अपनी फसलों को लेकर चिंता में थे। इस बारिश से अब किसान खेतों में बोई गई फसलों और नई बुवाई करेंगे जिससे फसलों को नया जीवन मिलेगा। बारिश होते ही किसानों के चेहरे खुशी से चमक उठे और वे खेती-बाड़ी के कामों में जुट गए हैं। जवाहिर हॉस्पिटल परिसर जलमग्न, मरीज और परिजन रहे परेशान एक तरफ जहां बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी तरफ शहर की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। शाम को हुई तेज बारिश से जिला मुख्यालय स्थित जवाहिर हॉस्पिटल परिसर में पानी भर गया। रास्ते और गैलरी में पानी जमा होने से इलाज कराने आए मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को काफी दिक्कत हुई। नगर परिषद की टीम ने कड़ी मशक्कत से निकाला पानी हॉस्पिटल में जलभराव की सूचना मिलते ही नगर परिषद की टीम तुरंत हरकत में आई। नगर परिषद के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर सक्शन मशीनों और पंपों की मदद से अस्पताल परिसर से पानी बाहर निकाला। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद रास्ते साफ हो सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मानसून इसी तरह मेहरबान रहा, तो आने वाले दिनों में गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।