जैसलमेर में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले सरकारी कर्मचारी इस बार अपने वोट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। पंचायतीराज चुनाव के चौथे चरण में सरपंच पद के लिए मतदान के दौरान चुनावी ड्यूटी में लगे कार्मिक अपने गांव में मतदान करने से वंचित रह सकते हैं। क्योंकि, सरपंच चुनाव में पोस्टल बैलेट या अग्रिम मतदान की व्यवस्था नहीं है। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में कार्मिकों के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था है, लेकिन सरपंच चुनाव में ऐसी सुविधा नहीं होने से यह स्थिति बनी है। बुधवार को कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक लेने के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने दैनिक भास्कर के बातचीत में ये बात कही। उन्होंने कहा कि सरपंच चुनाव में अपनाई गई व्यवस्था में फिलहाल इसका कोई समाधान नहीं है। उन्होंने बताया कि सरपंच चुनाव में एक दिन नामांकन और अगले दिन मतदान की प्रक्रिया होती है। इस व्यवस्था के अपने फायदे और नुकसान हैं। आयुक्त बोले- व्यवस्था की कमी है, लेकिन इसके फायदे भी राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा- सरपंच चुनाव में कार्मिकों के मतदान नहीं कर पाने की समस्या है। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में पोस्टल बैलेट जैसी सुविधा दी गई है, लेकिन सरपंच चुनाव में यह कमी रह गई है। मौजूदा व्यवस्था में इसका समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तिगत मानना है कि इस व्यवस्था के फायदे ज्यादा हुए हैं। चुनाव प्रचार में खर्च कम हुआ है और मतदाताओं को अनुचित प्रलोभन देने या लाभ पहुंचाने की कोशिशों पर भी अंकुश लगा है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह के अनुसार, प्रदेश में करीब 4 करोड़ 4 लाख मतदाता हैं। ऐसे में इस व्यवस्था के कारण मतदान से वंचित रहने वाले कार्मिकों की संख्या कुल मतदाताओं की तुलना में कम है। एक दिन नामांकन, अगले दिन मतदान सरपंच चुनाव की प्रक्रिया में नामांकन और मतदान के बीच बहुत कम अंतर होने के कारण चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए अग्रिम मतदान की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण है। इसी वजह से जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव की तरह सरपंच चुनाव में पोस्टल बैलेट की सुविधा नहीं मिल रही है। इसका सीधा असर उन सरकारी कार्मिकों पर पड़ेगा, जिनकी ड्यूटी चुनाव पूरी कराने में लगाई जाएगी और जिनका मतदान केंद्र उनके अपने गांव से अलग होगा। वे चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी तो निभाएंगे, लेकिन अपने गांव में सरपंच चुनने के लिए वोट नहीं डाल सकेंगे। बैठक में चुनाव तैयारियों की समीक्षा राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह बुधवार को जैसलमेर पहुंचे। उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के चौथे चरण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने भयमुक्त और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने, संवेदनशील और क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर खास निगरानी रखने, पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने और सीमावर्ती जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की पालना करने पर भी जोर दिया। बैठक के बाद दैनिक भास्कर के सवाल के जवाब में आयुक्त ने सरपंच चुनाव में चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के मतदान से वंचित रहने की समस्या स्वीकार की। उन्होंने कहा कि जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की गई है, लेकिन सरपंच चुनाव में यह कमी रही है। एक दिन नामांकन और अगले दिन मतदान की प्रक्रिया के अपने फायदे और नुकसान हैं। उनका व्यक्तिगत मानना है कि इस व्यवस्था के फायदे ज्यादा हुए हैं। इससे चुनाव प्रचार में खर्च कम हुआ है और मतदाताओं को अनुचित प्रलोभन देने, लाभ पहुंचाने तथा भंडारे जैसी गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है। प्रदेश में करीब 4 करोड़ 4 लाख मतदाता हैं और इस व्यवस्था के कारण मतदान नहीं कर पाने वाले कार्मिकों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है। हालांकि, उन्होंने माना कि यह समस्या है और वर्तमान व्यवस्था में इसका कोई समाधान नहीं है।