जैसलमेर को स्वच्छता में नंबर-1 बनाने के लिए प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहर में खाली पड़े प्लॉट अब गंदगी के केंद्र नहीं बनेंगे। यदि प्लॉट मालिकों ने अपने भूखंड की सफाई करवाकर बाउंड्री नहीं करवाई, तो नगर परिषद खुद सफाई करवाकर मालिक से लागत का 10 गुना हर्जाना वसूलेगी। पैसा जमा नहीं करने पर प्लॉट को सीज कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन और स्वच्छ राजस्थान के विजन को धरातल पर उतारने के लिए गुप्ता ने अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। बैठक में दिए अधिकारीयों को निर्देश के के गुप्ता गुरुवार को जैसलमेर कलेक्ट्रेट में नगर निकायों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब पारदर्शी और स्वच्छ प्रशासन की नई कार्यशैली दिख रही है, जिससे आम जनता में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है। बैठक में जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने गुप्ता के स्वच्छता मॉडल की सराहना की। गुप्ता ने जैसलमेर को स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन बनाने के लिए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शर्मा केवल घोषणाएं नहीं करते, बल्कि खुद काम की पूरी निगरानी भी रखते हैं। काम के आधार पर मिलेगी रैंकिंग गुप्ता ने बताया कि निकायों को चार श्रेणियों (A, B, C, D) में बांटा गया है। अच्छा काम करने वाले A श्रेणी में रहेंगे, जबकि लापरवाही बरतने वाले D श्रेणी में आएंगे, जिन पर सख्त एक्शन होगा। उन्होंने जलदाय विभाग को पाइप लीकेज ठीक करने और PWD को सड़कें सुधारने के सख्त निर्देश दिए। स्वच्छता के 5 बड़े नियम केके गुप्ता ने जैसलमेर को साफ रखने के लिए 5 मुख्य सुझाव दिए: खाली प्लॉट का समाधान: खाली प्लॉट में गंदगी मिली तो मालिक से सफाई और बाउंड्री करवाई जाएगी। नहीं मानने पर प्रशासन सफाई करेगा और मालिक से 10 गुना खर्चा वसूल कर प्लॉट सीज करेगा। शिकायत के लिए प्रभारी नियुक्त सफाई की निगरानी के लिए जैसलमेर में कँवराज सिंह (9414469287) व नरेंद्र व्यास (8890210959) और पोकरण में संतोष पालीवाल (8005700351) व जितेन्द्र माली (8385958625) को प्रभारी बनाया गया है। जनता सफाई में कमी मिलने पर इन्हें सीधे सूचित कर सकती है।