जैसलमेर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के 5 मामलों में वांटेड और 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी गणपत सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब 5 महीने से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे बाड़मेर बाइपास पर दबिश देकर पकड़ा। शुक्रवार को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ जैसलमेर कोतवाली थाने में तीन अलग-अलग मामले दर्ज हैं। 500 ग्राम एमडी के मामले में वांटेड था गणपत सिंह शहर कोतवाल प्रेमाराम विश्नोई ने बताया कि करीब पांच महीने पहले जैसलमेर के बबर मगरा क्षेत्र में पुलिस ने 500 ग्राम एमडी (मादक पदार्थ) पकड़ी थी। इस मामले में जांच के दौरान सामने आया कि बाड़मेर से गणपतसिंह ने ही एमडी कार्तिक विश्नोई को दी थी। इसके बाद कार्तिक विश्नोई ने आगे यह मादक पदार्थ जयसिंह को सप्लाई की थी। पुलिस ने जयसिंह को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन गणपतसिंह की तलाश जारी थी। मामले में उसकी भूमिका सामने आने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। 5 महीने से फरार था 25 हजार का इनामी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने करीब डेढ़ महीने पहले उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी थीं। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि गणपतसिंह बाड़मेर बाइपास पर घूम रहा है। इस पर कोतवाली पुलिस ने टीम के साथ मौके पर दबिश दी और उसे दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया। तीन मामलों में कोतवाली में वांटेड पुलिस के अनुसार गणपतसिंह के खिलाफ कुल पांच मामलों में वांटेड होने की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन मामले जैसलमेर कोतवाली थाने में दर्ज हैं। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पूछताछ के लिए तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है। सप्लाई नेटवर्क को लेकर होगी पूछताछ पुलिस अब आरोपी से एमडी की सप्लाई के स्रोत, खरीद-फरोख्त और मादक पदार्थों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आरोपी ने अब तक किन-किन लोगों को मादक पदार्थ सप्लाई किए और इस नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हैं। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश सांखला के निर्देशन और वृत्ताधिकारी रूपसिंह इंदा के सुपरविजन में की गई।