जैसलमेर जिले के चेलक और भैंसड़ा गांव में घरों से सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी करने वाली गैंग को पुलिस ने 20 दिन की मेहनत से पकड़ लिया गया। पुलिस ने करीब 2500 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और 100 से ज्यादा टीमें जांच में जुटीं। टोल नाकों के कैमरे चेक करते समय एक टोल पर संदिग्ध बोलेरो नजर आई। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी की आवाजाही को ट्रैक किया। 1500 किलोमीटर से ज्यादा पीछा करने के बाद पुलिस ने चित्तौड़गढ़ से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी अभिषेक शिवहरे के अनुसार, आरोपी इतने सतर्क थे कि वारदात के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। वे गाड़ी गांव के बाहर खड़ी कर रात में पैदल घूमकर मकानों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही घरों के ताले तोड़कर जेवर और नकदी चोरी करते और तय जगह पर लौटकर गाड़ी से फरार हो जाते थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह जैसलमेर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी चोरी की वारदातें कर चुका है। चेलक और भैंसड़ा में चोरी के बाद शुरू हुई तलाश एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- चेलक गांव में एक ही रात में दो मकानों में चोरी हुई थी। चोर घरों के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और नकदी ले गए थे। इसके बाद 5 अक्टूबर की रात भैंसड़ा गांव में भी दो अलग-अलग मकानों को निशाना बनाया गया। भैंसड़ा में एक घर से सोने-चांदी की ज्वेलरी को दूसरे मकान से चांदी और कैश चोरी किए गए। लगातार हुई वारदातों के बाद पुलिस ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया और संभावित रास्तों पर जांच शुरू की। आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज के साथ टोल नाकों पर वाहनों की आवाजाही का मिलान किया गया। इसी दौरान कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद एक टोल नाके पर संदिग्ध बोलेरो दिखाई दी। यही सुराग जांच में अहम साबित हुआ। बोलेरो का पीछा करते 1500 किमी से ज्यादा चली पुलिस संदिग्ध वाहन की पहचान के बाद पुलिस ने अलग-अलग जगहों के CCTV फुटेज खंगालकर उसकी आवाजाही का रास्ता जोड़ा। इस दौरान टीमों ने 1500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक जांच और पीछा किया। 100 से ज्यादा पुलिस टीमों ने दिन-रात संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। 7 थाना क्षेत्रों में चोरी की वारदातें कबूलीं पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने चेलक और भैंसड़ा के अलावा खुहड़ी, सदर जैसलमेर, भणियाणा, सांगड़ और फलसूंड थाना क्षेत्रों में भी नकबजनी की वारदातें करना स्वीकार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसवंत कंजर, लोकेश कंजर, बहादुर दरोगा, धर्मराज दरोगा और राहुल कुमार सोनी के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपियों से अन्य वारदातों, चोरी के सामान और गिरोह के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी किए गए जेवर और नकदी कहां रखे गए या बेचे गए। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। ये खबर भी पढ़ें… 2 किसानों के घर 1.23 करोड़ की ज्वेलरी-कैश चोरी:जीरा बेच कर रकम लाए थे; कूलर की आवाज में पता ही नहीं चला जैसलमेर में बॉर्डर इलाके के गांव के 2 किसानों के घर में ज्वेलरी-कैश मिलाकर 1.23 करोड़ की चोरी हुई है। पढ़ें पूरी खबर…