पर्यटन नगरी जैसलमेर में घूमने आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों की सुरक्षा को लेकर जल्द ही अलग पर्यटक पुलिस थाना खोला जा सकता है। सितंबर में पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बन चुकी है। स्थानीय पुलिस ने योजना तैयार कर मुख्यालय के माध्यम से राज्य सरकार को भेज दी है। अब सरकार की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। जैसलमेर के एसपी अभिषेक शिवहरे के अनुसार, पर्यटक थाने के प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। अलग से पुलिस अधिकारी और जवान तैनात होने से सैलानियों की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी। पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण जैसलमेर में यह व्यवस्था पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। लपकों और ठगी करने वालों पर रहेगी नजर जैसलमेर के सोनार दुर्ग, पटवा हवेलियों और सम-खुहड़ी के रेतीले धोरों को देखने हर साल देश-विदेश से 40 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटन सीजन में सैलानियों की संख्या बढ़ने के साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी पुलिस के लिए बड़ी जिम्मेदारी बन जाता है। पुलिस निगरानी के बावजूद कुछ लपके सैलानियों को गलत जानकारी देकर अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। वहीं, होटल, रिसॉर्ट और कैंप संचालकों की ओर से बुकिंग, सुविधाओं और सफारी पैकेज के नाम पर अधिक पैसे वसूलने या ठगी करने की शिकायतें भी सामने आती हैं। एसपी अभिषेक शिवहरे के मुताबिक, अलग पर्यटक थाना खुलने से ऐसी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। साथ ही, सैलानियों को अपनी समस्या बताने और पुलिस से सहायता लेने के लिए एक अलग स्थान उपलब्ध होगा। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बनेंगे पुलिस सहायता बूथ योजना के तहत पर्यटक थाने में ऐसे पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिन्हें पर्यटन से जुड़े मामलों की जानकारी हो। उनका व्यवहार सैलानियों के प्रति सहयोगात्मक और मददगार रखने पर भी जोर रहेगा। इसके अलावा गड़ीसर सरोवर, सोनार किला, सम सैंड ड्यून्स और पटवा हवेली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पुलिस सहायता बूथ बनाने की योजना है। इससे सैलानियों को मदद के लिए दूर थाने तक नहीं जाना पड़ेगा।