जैसलमेर में गुरुवार को 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' का शानदार आगाज हुआ। जिला और ब्लॉक स्तर पर बड़े जन सम्मेलन हुआ। जिसमें भारी संख्या में ग्रामीण और अधिकारी शामिल हुए। रूपसी गांव में जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने इस नई योजना की शुरुआत की। 'पोषण वाटिका' की नींव रखी इस मौके पर सरकारी स्कूल में बच्चों और परिवारों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए 'पोषण वाटिका' (सब्जी-फल का बगीचा) बनाने के काम की नींव भी रखी गई। जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रश्मि रानी ने स्कूल परिसर में पौधे लगाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। इस नई रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्रामीणों को साल में 125 दिन का काम मिलेगा, जिससे उनकी कमाई बढ़ेगी। योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाएं जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने कहा- कोई भी सरकारी योजना तभी कामयाब हो सकती है, जब उसमें आम जनता पूरी तरह साथ दें। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे गांवों में होने वाले विकास कार्यों पर खुद नजर रखें और सरकारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाएं। उन्होंने भरोसा जताया कि यह योजना गांवों की सूरत बदलने में बड़ी मददगार साबित होगी। इस योजना से मिलने वाले 125 दिन के रोजगार से गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे अपने घर का खर्च आसानी से चला सकेंगे। 318 विकास कार्यों को मंजूरी जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रश्मि रानी ने योजना की पूरी जानकारी देते हुए बताया- जैसलमेर जिले में इसके तहत 318 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन कामों से गांवों में बिजली, पानी, सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाएं बेहतर होंगी। सम्मेलन में अलग-अलग विभागों के अफसरों ने भी ग्रामीणों को सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया। ग्रामीणों और बच्चों में दिखा भारी उत्साह इस कार्यक्रम में गांवों में खुशी का माहौल ​देखा गया। कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के आखिर में विकास अधिकारी महेश सिंह राठौड़ और प्रशासक स्वरूप सिंह भाटी ने आए हुए सभी मेहमानों, अधिकारियों और ग्रामीणों का धन्यवाद जताया। इस मौके पर जिले के कई बड़े अधिकारी और जन प्रतिनिधि मौजूद रहे।