जैसलमेर के जंगलों में जानवरों की संख्या बढ़ी है। हाल ही में हुई वन्यजीवों की गिनती के नतीजे बताते हैं कि राजस्थान का खास पक्षी 'गोडावण' यहां सुरक्षित है। यह गिनती पूर्णिमा पर पानी के गड्ढों (वाटर होल) पर की गई, जो लगातार 24 घंटे तक चली। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारियों ने चिलचिलाती धूप में बैठकर पानी पीने आने वाले जानवरों और पक्षियों को गिना। आंकड़ों के मुताबिक, डेजर्ट नेशनल पार्क (DNP) में 41 गोडावण और आईजीएनपी (IGNP) इलाके में 217 सियारों मौजूदगी दर्ज की गई। जिले के करीब 127 जगहों पर 156 से ज्यादा कर्मचारियों की टीम रही तैनात रही। इस काम में सरकारी स्टाफ के साथ-साथ वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) के मेंबर भी मौजूद रहे। इस दौरान जंगली सूअर, नीलगाय, लोमड़ी, मरू बिल्ली, मोर नजर आए। तीनों जगह मिले वन्यजीवों से सुखद संकेत जैसलमेर वन मंडल DDP के डीएफओ शुभम ने बताया कि जानवरों की संख्या पिछले साल की तरह ही अच्छी रही है। नीलगाय और चिंकारा का इतनी संख्या में मिलना हमारे इलाके के लिए बहुत अच्छी बात है। वहीं देवेंद्र सिंह (DFO, IGNP) ने कहा कि हमारी टीम ने 47 पॉइंट पर बहुत मेहनत की है। इस बार सियार और चिंकारा की संख्या काफी बढ़िया रही है। इस दौरान DFO (डेजर्ट नेशनल पार्क) बृजमोहन गुप्ता ने कहा कि 41 गोडावणों का दिखना हमारी सबसे बड़ी जीत है। इन आंकड़ों से हमें आगे चलकर जानवरों को बचाने में मदद मिलेगी। DNP क्षेत्र में 52 पॉइंट्स पर 52 टीमें तैनात वन विभाग ने DNP क्षेत्र में 52 पॉइंट्स पर 52 टीमें तैनात की थीं। इन टीमों में WII के सदस्य और ईको टास्क फोर्स के जवान भी शामिल रहे। सभी टीमों ने जल स्रोतों पर निगरानी रखते हुए वन्यजीवों की गणना की। गणना के दौरान डेजर्ट फॉक्स, लोमड़ी, मोर और गिद्धों की भी अच्छी संख्या दर्ज की गई। गिद्धों में इजिप्शियन, व्हाइट-बैक्ड और रेड-हेडेड प्रजातियां प्रमुख रूप से सामने आईं। IGNP में दिखे सियार, DDP में नीलगाय इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के सेकेंड स्टेज क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर गणना की गई। यहां सियारों की संख्या सबसे अधिक देखने को मिली। चिंकारा और लोमड़ी भी बड़ी संख्या में दिखाई दिए। इधर, जैसलमेर के DDP वन मंडल क्षेत्र में भी 28 जल स्रोतों पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी गई। इस दौरान नीलगाय की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई, जबकि अन्य वन्यजीव भी बड़ी संख्या में पानी पीने के लिए जल स्रोतों पर पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार- इस वर्ष की गणना में वन्यजीवों की स्थिति पिछले वर्ष के समान स्थिर बनी हुई है। मरुस्थलीय क्षेत्र में जल स्रोतों की अहम भूमिका एक बार फिर स्पष्ट हुई है, जहां अधिकतर वन्यजीवों की गतिविधियां केंद्रित रहीं। वन्यजीवों की हुई गणना DNP (डेजर्ट नेशनल पार्क) में 41 गोडावण, 182 डेजर्ट फॉक्स, 87 लोमड़ी, 149 मोर और 283 गिद्ध दिखाई दिए। इनके अलावा IGNP सेकेंड स्टेज में 47 पॉइंट्स पर गणना की गई। यहां कुल 156 सदस्य टीम के रूप में तैनात रहे। यहां 217 सियार, 127 लोमड़ी, 827 चिंकारा की संख्या सामने आई। कुल वन्यजीव 3934 रहे। जबकि DDP वन मंडल (जैसलमेर) में 28 जल स्रोतों पर गणना की गई। यहां कुल वन्यजीव 2602 सामने आए। इनमें 616 नीलगाय खास रही। जबकि चिंकारा, जंगली बिल्ली, मरु बिल्ली, लोमड़ी और मोर सहित अन्य वन्यजीव भी दिखाई दिए।