जैसलमेर के गजरूपसागर और किशनघाट इलाके में स्वांगिया माता मंदिर के पास वन्यजीवों का शिकार हुआ। गुप्त सूचना पर वन विभाग की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से संरक्षित लोमड़ी और खरगोश घायल हालत में मिले। इसके अलावा शिकार में इस्तेमाल होने वाला 'कुड' जाल, हथियार और दो बाइक भी जब्त की गई हैं। दोनों घायल वन्यजीवों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस ने 3 आरोपी गिरफ्तार किए क्षेत्रीय वन अधिकारी श्याम सुंदर नागौरा ने बताया- स्वांगिया माता मंदिर के पास शिकार होने की सूचना मिली थी। इसके बाद डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (DCF) कुमार शुभम और ACF दिलीप सिंह राठौड़ के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने मौके पर दबिश देकर घेराबंदी की और मूलाराम, उत्तमाराम और चंद्रनाथ को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी जैसलमेर जिले के रहने वाले हैं। इलाज के दौरान लोमड़ी और खरगोश की मौत वन विभाग की टीम को फंदे में फंसे होने के कारण लोमड़ी और खरगोश घायल हालत में मिले। टीम दोनों को इलाज के लिए पशु अस्पताल ले गई। हालत गंभीर होने पर वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) की मेडिकल टीम को भी बुलाया गया। डॉक्टरों ने दोनों वन्यजीवों को बचाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। कोर्ट ने भेजा जेल, वन विभाग ने की अपील तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें कस्टडी में भेज दिया गया। DCF कुमार शुभम ने लोगों से अपील की है कि आसपास संदिग्ध शिकार या वन्यजीव तस्करी की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी वन कार्यालय में सूचना दें।