राजस्थान के जालोर जिले में एक परिवार अपनी लापता बेटी की बरामदगी के लिए कलेक्ट्रेट के सामने पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठा है। 19 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस मदद करने के बजाय उन्हें ही संगीन धाराओं में फंसाने और धरना खत्म करने की धमकी दे रही है। परिजनों के अनुसार- यह घटना 13 मार्च की है, जब किशोरी खेत में काम करने गई थी। दोपहर में उसने घर लौटकर खाना खाने की बात कही थी, लेकिन वह वापस नहीं पहुंची। उसे काफी तलाशा, फिर भी जब उसका सुराग नहीं लगा, तो 14 मार्च को परिजनों ने थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई। पिता का कहना है कि बेटी के सभी जरूरी दस्तावेज घर पर ही हैं, जिससे साफ है कि उसका अपहरण किया गया है। कलेक्ट्रेट पर तीसरे दिन भी धरना जारी पुलिस के रवैये से परेशान होकर पीड़ित माता-पिता पिछले तीन दिनों से जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे हैं। पिता का कहना है- मंगलवार की देर शाम संबंधित थानाधिकारी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने धमकाते हुए कहा कि यहां से उठ जाओ, वर्ना तबीयत खराब होने पर ऐसी जगह भर्ती कराऊंगा कि वापस नहीं आ सकोगे और ऐसी धाराएं लगाएंगे कि जमानत नहीं होगी। इसके बाद परिजनों में रोष है। पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप पीड़ित परिवार का आरोप है कि नामजद रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है, बल्कि उन्हें संरक्षण दे रही है। हम अपनी बेटी की तलाश की मांग कर रहे हैं और पुलिस हमें ही डरा रही है। हम तब तक नहीं उठेंगे जब तक हमारी बेटी सुरक्षित घर नहीं आ जाती। यह खबर भी पढ़ें…जालोर में लड़की लापता, माता-पिता भूख हड़ताल पर:पुलिस पर लापरवाही का आरोप, बोले-18 दिन से नहीं मिला सुराग