पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण में प्रचार थमने के बाद अब मतदान की तैयारियां चल रही हैं। इस बार जालोर जिले में कई जगह एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग पदों और वार्डों से चुनाव लड़ रहे हैं। आहोर के चांदराई क्षेत्र में मां, बेटा और बहू मैदान में हैं, जबकि जिला परिषद के एक वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप सिंह चौहान और उनकी पत्नी भी अलग-अलग सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। इन परिवारों के राजनीतिक समीकरण चुनावी चर्चा का विषय बने हुए हैं। मां, बेटा और बहू चुनाव मैदान में आहोर पंचायत समिति के चांदराई क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं। उमसिंह पुत्र लालसिंह चांदराई पंचायत समिति के वार्ड-15 से प्रत्याशी हैं। उनकी मां पोनी देवी पत्नी लालसिंह वार्ड-17 से चुनाव मैदान में हैं। वहीं, उमसिंह की बहू संतोष कंवर जिला परिषद के वार्ड-35 से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस प्रत्याशी महिला जिला प्रमुख की दावेदार? जिला परिषद के वार्ड-35 से कांग्रेस प्रत्याशी संतोष कंवर वर्तमान में महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष हैं। वह पहले प्रधान भी रह चुकी हैं। उनके ससुर उमसिंह कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष हैं। वह पहले यूथ कांग्रेस के लोकसभा अध्यक्ष रह चुके हैं और भीनमाल विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ चुके हैं। संतोष कंवर के राजनीतिक अनुभव और पारिवारिक पृष्ठभूमि के चलते उन्हें महिला जिला प्रमुख पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इस वार्ड में भाजपा की ओर से रितुना कंवर पत्नी हर्षपाल सिंह चुनाव लड़ रही हैं। पति-पत्नी अलग-अलग सीटों से प्रत्याशी जिला परिषद के वार्ड-30 से कांग्रेस के प्रदीप सिंह चौहान चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी हेमंत कंवर जालोर पंचायत समिति के वार्ड-13 से उम्मीदवार हैं। प्रदीप सिंह चौहान वर्ष 1995 से 2000 तक प्रधान रह चुके हैं। वह जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष और जिला परिषद सदस्य भी रह चुके हैं। उनकी पत्नी हेमंत कंवर वर्ष 2011 से 2015 तक प्रधान रही हैं। वह पहले सरपंच का पद भी संभाल चुकी हैं। जिला परिषद के वार्ड-30 में प्रदीप सिंह चौहान का मुकाबला भाजपा के दिनेश कुमार भाटी से है। मतदान के बाद स्पष्ट होगा चुनावी परिणाम दूसरे चरण के चुनाव में एक ही परिवार के कई सदस्यों के अलग-अलग वार्डों से मैदान में उतरने से पारिवारिक राजनीतिक समीकरण चर्चा में हैं। अब मतदान और मतगणना के बाद ही पता चलेगा कि इन परिवारों के कितने सदस्य चुनाव जीत पाते हैं।