जालोर में सरगरा समाज ने बुधवार को रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देने गए। कलेक्टर उपस्थित नहीं होने पर सीओ को ज्ञापन देकर सरकारी रिकॉर्ड में जाति के नाम से जुड़ी लिपिकीय त्रुटि को शीघ्र सुधारने की मांग की है। अंग्रेजी में सरगरा दर्ज और हिंदी में सरगड़ा लिखा जा रहा सामाजिक कार्यकर्ता जीतू भाई सरगरा ने बताया- अनुसूचित जाति सूची, संविधान -1950 और जनगणना-2011 सहित केंद्र सरकार के सभी आधिकारिक दस्तावेजों में अंग्रेजी में सरगरा दर्ज है, जबकि राजस्थान के कुछ सरकारी पोर्टल और प्रमाण-पत्रों में हिंदी में इसे "सरगड़ा" लिखा जा रहा है। इससे समाज के लोगों को विभिन्न सरकारी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि यह परिवर्तन किसी कानूनी संशोधन के कारण नहीं, बल्कि हिंदी अनुवाद और ऑनलाइन डेटा एंट्री के दौरान हुई टाइपिंग त्रुटि के कारण हुआ है। समाज का आरोप है की मास्टर डेटा में एक बार गलत प्रविष्टि होने से वही नाम विभिन्न प्रमाण-पत्रों और जनआधार सहित अन्य दस्तावेजों में भी प्रदर्शित होने लगा। सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी समाज ने मांग की है कि सरकारी रिकॉर्ड में सरगड़ा के स्थान पर सरगरा अंकित किया जाए, ताकि समाज की पहचान और सम्मान बरकरार रहे। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2023 से इस विषय को लेकर लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि 17 अगस्त तक सुधार नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन और जयपुर में विधानसभा घेराव किया जाएगा। रैली निकालकर जताया विरोध प्रदर्शन से पूर्व समाज ने एकत्रित होकर शहर में रैली निकाली जो कलेक्ट्रेट से रवाना होकर अस्पताल चौराहा, हरी देव जोशी सर्कल व वन वे रोड होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां करीब 30 मिनट तक नारेबाजी की। उसके बाद मुख्यमंत्री मंत्री के नाम जिला कलेक्टर की अनुपस्थिति में सीओ को ज्ञापन दिया गया। इस दौरान बड़ी सख्या में सरगरा समाज के लोग मौजूद रहे।