भारतीय सेना ने सोमवार को अपनी 2025-26 की सालाना रिपोर्ट जारी है। इसके मुताबिक, 2025 में LAC पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में बड़ी कमी आई। हालांकि, LAC के सामने और चीन के पारंपरिक ट्रेनिंग इलाकों में करीब 10-10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के आकार की सैन्य टुकड़ियां अब भी तैनात हैं। जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की कोशिशें घटकर छह रह गईं। इन कोशिशों के दौरान 12 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया। वहीं LoC पर सीजफायर उल्लंघन 2024 के सिर्फ 2 से बढ़कर 2025 में 163 हो गए। इनमें से 124 मामले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए। रिपोर्ट में पश्चिमी सीमा पर ड्रोन से हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की बढ़ती चुनौती और ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना में किए जा रहे बदलावों की भी जानकारी दी गई है। ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और लोइटरिंग म्यूनिशन की जरूरत पूरी करने के लिए 9 फास्ट-ट्रैक प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है। चीन के साथ सीमा पर क्या बदला? 2020 के गलवान संघर्ष के बाद 2025 में पहली बार लद्दाख में LAC पर चीनी सेना की तैनाती में उल्लेखनीय कमी आई। एक कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड में करीब 3 हजार सैनिक होते हैं। इसमें पैदल सेना के साथ टैंक-बख्तरबंद वाहन, तोपखाना और एयर डिफेंस जैसी क्षमताएं शामिल होती हैं। भारतीय सेना की तैनाती LAC के सभी सेक्टरों में मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत से भी उत्तरी सीमा पर स्थिति को स्थिर करने में मदद मिली। 2025 में WMCC की 33वीं और 34वीं बैठक मार्च और जुलाई में हुई। विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत अगस्त में हुई। पूर्वी लद्दाख में 25-26 अक्टूबर को 23वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक भी हुई। जम्मू-कश्मीर में स्थानीय आतंकी भर्ती में भी कमी 2025 में जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की कोई घटना नहीं हुई। सिर्फ एक स्थानीय युवक के आतंकी संगठनों में शामिल होने की जानकारी सामने आई। 2024 में यह संख्या चार थी। सेना के मुताबिक, स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती में लगातार आ रही कमी पाकिस्तान के उस दावे को कमजोर करती है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद स्थानीय स्तर पर पैदा हो रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के सैन्य ठिकाने भी निशाने पर रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर में शुरुआत में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान की कार्रवाई के बाद भारतीय हमले एयर डिफेंस, कमांड एंड कंट्रोल और वायुसेना के ठिकानों तक पहुंचे। IAF ने 6 रडार और 2 सरफेस-टू-एयर गाइडेड वेपन लोकेशन को निशाना बनाया। 4 एयरक्राफ्ट हैंगर भी निशाने पर रहे। रिपोर्ट में जैकबाबाद में कई F-16 और AEWC विमानों के नष्ट होने का जिक्र है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 2 AK-47 राइफल, 75 पिस्टल और 281.41 किलो नशीला सामान भी बरामद किया गया। दो चीनी PL-15 मिसाइलें निष्क्रिय कीं ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उत्तरी और पश्चिमी कमान में बिना फटे हथियारों और ड्रोन के मलबे की जांच की गई। इस दौरान दो चीनी PL-15 मिसाइलें और तुर्किये के Bayraktar TB-2 ड्रोन से छोड़ा गया MAM असलाह निष्क्रिय किया गया। रिपोर्ट में Baykar YIHA-3 ड्रोन का भी जिक्र है। सिंदूर के बाद सेना में तकनीकी बदलाव ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना ने अपनी क्षमताओं की समीक्षा की। इसमें बलों के पुनर्गठन, तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और नई तकनीक को शामिल करने पर जोर दिया गया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान स्वदेशी रक्षा उद्योग ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और लोइटरिंग म्यूनिशन जैसे विशेष उत्पादों की जरूरत पूरी नहीं कर सका। इसे दूर करने के लिए 9 फास्ट-ट्रैक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का प्रस्ताव है। सेना ने बनाए 819 ड्रोन सेना ने बताया कि उसने अपनी इकाइयों और छोटे उद्योगों के साथ मिलकर 819 ड्रोन बनाए हैं। इनमें 193 निगरानी ड्रोन, 337 हथियारयुक्त या कामिकाजे ड्रोन और 289 FPV ड्रोन शामिल हैं। इन्फैंट्री बटालियनों में चरणबद्ध तरीके से ड्रोन प्लाटून बनाए जाएंगे। इसके अलावा हाइब्रिड युद्ध और तेज गति वाले विशेष अभियानों के लिए 15 बटालियन ‘भैरव लाइट कमांडो’ खड़ी करने के आदेश दिए गए हैं। एक आर्मर्ड और एक माउंटेन ब्रिगेड को चरणबद्ध तरीके से ‘रुद्र ऑल-आर्म्स ब्रिगेड’ में बदला जाएगा। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… रक्षा मंत्रालय- ऑपरेशन सिंदूर में 314km दूर मौजूद पाकिस्तानी जेट मार गिराया, S-400 डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाया ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने 314km की दूरी से पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को निशाना बनाकर मार गिराया था। रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की रिपोर्ट में जानकारी दी गई है। पूरी खबर पढ़ें… मोदी–जिनपिंग बोले- मतभेद विवाद में न बदलें:आपसी संबंध लंबे चले; गलवान झड़प के बाद चीन से इम्पोर्ट दोगुना हुआ पीएम मोदी ने दिल्ली में BRICS समिट से अलग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक की। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। मोदी और जिनपिंग ने इस बात पर भी सहमति जताई कि मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए और संबंध लंबे चलने चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…