अपनी दमदार आवाज, बेबाक अंदाज और पंजाबी म्यूजिक के लिए मशहूर ‘गुलाबी क्वीन’ जैस्मीन सैंडलस जयपुर में खास प्रस्तुति देने आ रही हैं। पंजाबी और बॉलीवुड म्यूजिक में अपनी अलग पहचान बनाने वाली जैस्मीन 24 अक्टूबर को सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में ‘द ड्रीम गर्ल इंडिया टूर’ के तहत लाइव परफॉर्म करेंगी। शाम 7 बजे से होने वाले इस कॉन्सर्ट में उनके लोकप्रिय गानों के साथ दमदार स्टेज परफॉर्मेंस देखने को मिलेगी। जैस्मीन सैंडलस को उनके प्रशंसक ‘गुलाबी क्वीन’ के नाम से भी जानते हैं। जयपुर में होने वाले इस कॉन्सर्ट को खास बनाने के लिए गुलाबी रंग से जुड़ा एक दिलचस्प प्लान भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, जैस्मीन गुलाबी ड्रेस पहनकर शो में आने वाली महिला प्रशंसकों में से कुछ को चुनेंगी। इन चुनिंदा प्रशंसकों को उनके साथ मीट एंड ग्रीट का अवसर मिलेगा। इससे जयपुर की उन गर्ल्स फैंस में खास उत्साह है, जो अपनी पसंदीदा सिंगर से आमने-सामने मिलने का सपना देखती हैं। ‘यार ना मिले’ से ‘तरस’ तक, हिट गानों की होगी धूम जैस्मीन सैंडलस के कॉन्सर्ट में उनके लोकप्रिय गानों को लेकर फैंस के बीच खास उत्सुकता है। साल 2014 में सलमान खान की फिल्म ‘किक’ के गाने ‘यार ना मिले’ से उन्हें बॉलीवुड में बड़ी पहचान मिली। इस गाने में उनकी दमदार आवाज और अलग गायकी ने उन्हें म्यूजिक इंडस्ट्री में खास जगह दिलाई। इसके बाद जैस्मीन ने ‘इल्लीगल वेपन’, ‘सिप सिप’, ‘लड्डू’, ‘इश्क दा सूटा’ और ‘इल्लीगल वेपन 2.0’ जैसे गानों से अपनी लोकप्रियता बढ़ाई। वरुण धवन और श्रद्धा कपूर अभिनीत फिल्म ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’ के गाने ‘इल्लीगल वेपन 2.0’ को भी खूब पसंद किया गया। साल 2024 में फिल्म ‘मुंज्या’ के गाने ‘तरस’ ने एक बार फिर जैस्मीन की आवाज को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया। वहीं, हालिया सालों में ‘शरारत’, ‘धुरंधर’ का टाइटल ट्रैक और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के ‘जाइए सजना’ जैसे गानों से भी वह चर्चा में रही हैं। उनके गानों में पंजाबी बीट्स, पॉप म्यूजिक और अलग तरह की गायकी का मेल देखने को मिलता है। पंजाब से कैलिफोर्निया और फिर बॉलीवुड तक का सफर जैस्मीन सैंडलस का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ और उनका बचपन अमेरिका के कैलिफोर्निया में बीता। पंजाबी लोक संगीत और पश्चिमी म्यूजिक के प्रभाव ने उनकी गायकी को अलग अंदाज दिया। उन्होंने कम उम्र से ही गाने लिखने शुरू कर दिए थे और धीरे-धीरे अपनी स्वतंत्र संगीत पहचान बनाई। उनके शुरुआती गानों में ‘मुस्कान’ का नाम प्रमुख है। वर्ष 2012 में उन्होंने रैपर बोहेमिया के साथ एल्बम ‘गुलाबी’ रिलीज किया। इसी एल्बम और उनके संगीत के अंदाज ने उन्हें ‘गुलाबी क्वीन’ के नाम से लोकप्रिय बनाने में भूमिका निभाई। वर्ष 2014 में ‘किक’ के गाने ‘यार ना मिले’ के जरिए बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत उनके करियर का बड़ा पड़ाव रही। इसके बाद उन्होंने पंजाबी संगीत के साथ हिंदी फिल्मों के लिए भी कई गाने गाए। उनकी खासियत यह है कि वह सिर्फ गायिका ही नहीं, बल्कि गीतकार और संगीतकार के रूप में भी अपनी पहचान रखती हैं।