आश्विन शुक्ल पक्ष चतुर्दशी पर रविवार को जसोल स्थित श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह मंगला आरती से ही मंदिर में दर्शन के लिए कतारें लगनी शुरू हो गईं। श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गौरा भैरूजी के दर्शन किए। दिनभर मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल रहा। भजन-कीर्तन और जयकारों से धाम गूंजता रहा। नई व्यवस्था के तहत छप्पन भोग अर्पित संस्थान की ओर से छप्पन भोग और भोजन-प्रसादी अर्पित करने की नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत लाभार्थी परिवार मंदिरों के बाहर निर्धारित स्थान पर भोग की सामग्री संबंधित पुजारियों को सौंपते हैं। पुजारी सामग्री को मंदिर के भीतर ले जाकर विधि-विधान से भोग अर्पित करते हैं। इसके बाद प्रसाद लाभार्थी परिवार को वापस सौंप दिया जाता है, जिसे परिवार श्रद्धालुओं में वितरित करता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिरों की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखना है। इसी व्यवस्था के तहत चतुर्दशी के अवसर पर मुंबई निवासी छप्पन भोग के लाभार्थी लीला देवी एवं रमेश कुमार, बांद्रा मुथा मोरसीम (मुंबई) ने छह मंदिरों में श्रद्धाभाव से छप्पन भोग अर्पित करवाया। भोग अर्पित होने के बाद परिवार ने जसोल धाम पहुंचे श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया। सर्वसमाज की कन्याओं का पूजन किया इस अवसर पर लाभार्थी परिवार ने सर्वसमाज की कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया। कन्याओं को फल, प्रसाद और दक्षिणा अर्पित की गई तथा उन्हें भोजन-प्रसादी ग्रहण करवाई गई। इस दौरान धार्मिक परंपराओं, सेवा, श्रद्धा और समर्पण का संदेश दिया गया। रात्रि जागरण में भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल जसोल धाम में श्रद्धालुओं का आवागमन लगातार जारी है। रात्रि जागरण में भजनियों की ओर से श्री राणीसा भटियाणीसा सहित आराध्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान किया जा रहा है। भजनों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं। संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन, कतार प्रबंधन, सुरक्षा, साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था की गई। संस्थान ने श्रद्धालुओं और आगामी छप्पन भोग व भोजन-प्रसादी के लाभार्थी परिवारों से नई व्यवस्था का पालन कर सहयोग करने की अपील की है।