जसोलधाम में वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। सुबह मंगला आरती से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और समर्पण स्पष्ट दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला गौरा भैरूजी सहित मंदिर प्रांगण में स्थित सभी देवी-देवताओं के दर्शन किए। भक्तों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर अपने और परिवार के सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा कल्याण की कामना की। इस अवसर पर नवविवाहित दंपतियों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। उन्होंने अपने दाम्पत्य जीवन की सुख-समृद्धि और मंगलमय भविष्य के लिए श्रद्धापूर्वक पूजन किया। यह आयोजन पारिवारिक और सांस्कृतिक मूल्यों का सुंदर संगम भी रहा। भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम्) और छप्पन भोग के लाभार्थी संजय पी. लुनिया, उनकी पत्नी नीता एस. लुनिया और पुत्र यश एस. लुनिया थे। ये परिवार मूल रूप से फलोदी (राजस्थान) का निवासी है और वर्तमान में कोयंबटूर (तमिलनाडु) में रहता है। लाभार्थी परिवार ने श्रद्धापूर्वक मंदिर प्रांगण के सभी मंदिरों में भोग अर्पित किया और श्रद्धालुओं में प्रसादी का वितरण किया। इससे भक्तों में विशेष उत्साह और संतोष का माहौल देखा गया। इस अवसर पर लाभार्थी परिवार ने परंपरानुसार कन्या-पूजन किया गया। कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें प्रसाद एवं उपहार प्रदान किए गए, जिससे धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक परंपराओं का उदाहरण प्रस्तुत हुआ। इस अवसर पर भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम्) एवं छप्पन भोग तथा कन्या-पूजन श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, जसोल के महंत गणेशपुरी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुए। मंदिर संस्थान द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधार्थ व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। इनमें शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, छायादार विश्राम स्थल, सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था, भोजन प्रसादी वितरण, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक सेवाएं सुचारु रूप से संचालित की गईं। इन उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के फलस्वरूप श्रद्धालुओं ने दर्शन एवं पूजन का कार्य अत्यंत सहज, सुगम एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न किया। संपूर्ण आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो मंदिर संस्थान की सुदृढ़ व्यवस्था एवं सेवा-भाव का परिचायक रहा। देखें PHOTOS