श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में वैशाख शुक्ल पक्ष द्वादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का भव्य संगम देखने को मिला। सुबह से ही दूर-दराज क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। अनुशासित कतारों में खड़े होकर श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। मंदिर परिसर में दिनभर भजन, मंगल ध्वनियां और जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालु भक्ति भाव से पूजा-अर्चना करते नजर आए। श्रद्धालुओं ने देवस्थलों के किए दर्शन इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में विराजमान श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी एवं श्री काला गौरा भैरूजी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का कहना रहा कि जसोल धाम में दर्शन करने से मन को शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति होती है। हजारों भक्तों ने ग्रहण की अन्नपूर्णा प्रसादी भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम) के लाभार्थी वजाराम माली (सुपुत्र हुकमाराम माली), निवासी गढ़ सिवाना, नीमड़ी बेरा रहे। लाभार्थी परिवार की ओर से मंदिर प्रांगण स्थित सभी मंदिरों में भोग अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल स्तर पर प्रसादी की व्यवस्था की गई। सुव्यवस्थित ढंग से हुए प्रसाद वितरण में हजारों भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। कन्या पूजन और सम्मान का आयोजन लाभार्थी परिवार की ओर से जसोल सर्व समाज की कन्याओं का विधिवत पूजन एवं सम्मान भी किया गया। कन्याओं का तिलक कर उनका सत्कार किया गया और उपहार भेंट किए गए। यह आयोजन नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का प्रेरणादायक संदेश देता नजर आया। श्रद्धालुओं की सुविधा के रहे विशेष इंतजाम मंदिर संस्थान द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पेयजल, छायादार विश्राम स्थल, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और सुगम दर्शन के विशेष प्रबंध किए गए। सेवाभावी कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक टीम ने पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और सेवा भावना के साथ जिम्मेदारियां निभाईं। 29 अप्रैल से होगा आरती का समय बदलाव मंदिर संस्थान ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए आरती समय में बदलाव किया है। वैशाख शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, 29 अप्रैल 2026 से मंगला आरती सुबह 5:30 बजे और संध्या आरती शाम 7:30 बजे होगी। संस्थान ने श्रद्धालुओं से निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचकर आरती के दिव्य दर्शन करने की अपील की है। कार्यक्रम के अंत में मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं, लाभार्थी परिवार, सेवाभावी कार्यकर्ताओं और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। साथ ही श्री राणीसा भटियाणीसा से सभी के सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की गई।