भरतपुर में 106 साल पुरानी श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेले की शुरुआत हो गई है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। अगले 10 दिन तक यहां पशु प्रतियोगिताओं, कुश्ती दंगल, भजन संध्या, कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। मेले में आसपास के क्षेत्रों के साथ दूसरे राज्यों से भी व्यापारी दुकानें लगाने पहुंच रहे हैं। यहां अलग-अलग तरह की दुकानें सजाई गई हैं। मेले में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी प्रदर्शनी में पशु प्रतियोगिता, कुश्ती दंगल, धार्मिक आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कवि सम्मेलन आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके साथ ही लोगों के मनोरंजन के लिए झूले, सर्कस और जादू के कार्यक्रम भी लगाए गए हैं। मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। जेबकतरों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 1920 में महाराजा किशन सिंह ने कराई थी शुरुआत श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेले की शुरुआत अक्टूबर 1920 में भरतपुर रियासत के तत्कालीन शासक महाराजा किशन सिंह ने अपने दादा महाराजा जसवंत सिंह की स्मृति में करवाई थी। बृज अंचल का यह प्रमुख आयोजन उत्तर भारत के बड़े मेलों में शामिल है। मेले के जरिए पशुपालन, व्यापार और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। साथ ही लोगों को मनोरंजन के कई अवसर भी मिलते हैं। राजस्थान स्टेट कैटल फेयर एक्ट, 1963 के तहत आयोजित इस राजस्व प्राप्त मेले में भरतपुर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से भी दुकानदार और व्यापारी पहुंचते हैं।