जेईई मेन 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद अब जेईई एडवांस 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस साल 2.5 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने परीक्षा के लिए क्वालिफाई किया है। आवेदन प्रक्रिया में इस बार छात्रों को बड़ी राहत दी गई है। जिन अभ्यर्थियों के पास ईडब्ल्यूएस, ओबीसी-एनसीएल या एससी-एसटी श्रेणी प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हैं, वे डिक्लेरेशन फॉर्म के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। यह फॉर्म जेईई एडवांस के इनफॉर्मेशन ब्रोशर के एनेक्सचर-2 में उपलब्ध है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल परीक्षा में क्वालिफाई करना पर्याप्त नहीं है, समय पर और सही तरीके से आवेदन करना भी उतना ही जरूरी है। छात्र सभी जरूरी डॉक्यूमेंट पहले से तैयार रखें और लास्ट डेट का इंतजार न करें। रजिस्ट्रेशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए पेज शुरू आईआईटी रुड़की ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में आने वाली टेक्निकल और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए एक डेडीकेटेड पेज शुरू किया है। स्टूडेंट जेईई मेन 2026 के एप्लीकेशन नंबर या रोल नंबर तथा जन्मतिथि की मदद से लॉगिन कर अपनी समस्या दर्ज कर सकते हैं। हर साल हजारों छात्र नहीं देते एग्जाम इस साल कुल 2,50,182 स्टूडेंट्स ने जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई किया है। इनमें जनरल कैटेगरी के 96,873, दिव्यांग-जनरल के 4,391, ईडब्ल्यूएस के 25,009, ओबीसी के 67,597, एससी के 37,522 और एसटी श्रेणी के 18,790 विद्यार्थी शामिल हैं। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि पिछले सालों के आंकडो को देखे तो इन सभी विद्यार्थियों के आवेदन करने की संभावना नहीं है। पिछले तीन वर्षों के रिकॉर्ड बताते हैं कि औसतन केवल 1.87 लाख विद्यार्थी ही रजिस्ट्रेशन करते हैं। पिछले तीन सालों के आकंडों को देखे तो साल 2025 में 1,86,510 रजिस्ट्रेशन, साल 2024 में 1,86,584 और 2023 में 1,89,487 रजिस्ट्रेशन हुए थे। यानी हर साल करीब 60 हजार छात्र क्वालिफाई करने के बावजूद आवेदन नहीं करते। क्यों छूट जाते हैं इतने विद्यार्थी? एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार, इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, कई विद्यार्थियों के जेईई एडवांस के दोनों अटेम्प्ट पहले ही पूरे हो चुके होते हैं। दूसरा, कुछ विद्यार्थी 12वीं बोर्ड परीक्षा में निर्धारित न्यूनतम प्रतिशत हासिल नहीं कर पाते, जिससे वे पात्रता पूरी नहीं कर पाते। इसके अलावा, जानकारी के अभाव, दस्तावेजों की कमी और समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने जैसी समस्याएं भी बड़ी वजह बनती हैं।