कस्बे से केकड़ी को जोड़ने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर झाड़ली सहोदरा नदी की पुलिया क्षतिग्रस्त है। इस वजह से पिछले दो साल से रोडवेज बसों का संचालन बंद है। लोगों को निजी साधनों से सफर करना पड़ रहा है। पुलिया के पास सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा तेज बहाव में दो बार टूटकर बह गया। 23 अगस्त को हुई अतिवृष्टि में सड़क का हिस्सा बह गया था। इसके बाद नवंबर में सार्वजनिक निर्माण विभाग ने अस्थायी मरम्मत कर आवागमन शुरू कराया। तेज बहाव में यह व्यवस्था फिर टूट गई। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने पहले छोटे पाइप लगाकर अस्थायी समाधान किया था। इसका विरोध भी हुआ था। घटनास्थल पर अब भी सीमेंट के ब्लॉक नदी किनारे पड़े हैं। करीब 11 महीने से काम आगे नहीं बढ़ा। क्षतिग्रस्त हिस्से पर चेतावनी बोर्ड नहीं लगे हैं। संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार रात में अनजान वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। स्थानीय निवासी सचिन और कालूराम ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की पहल से अस्थायी रूप से रास्ता दुरुस्त किया गया था। स्थायी समाधान नहीं हुआ। पीडब्ल्यूडी के एक्सईन पिंटू मीणा ने कहा कि वित्तीय मंजूरी नहीं मिलने से मरम्मत शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिन में पुलिया पर ब्लॉक लगाकर रास्ता शुरू कराने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल हल्के वाहन वैकल्पिक मार्ग से निकल रहे हैं। भारी वाहनों के लिए मार्ग बंद है। ग्रामीणों ने राज्य सरकार और पीडब्ल्यूडी से जल्द वित्तीय स्वीकृति जारी कर स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।