सलूंबर जिले के झाड़ोल गांव में आबादी के बीच स्थित एक कच्चे मकान में आग लग गई। घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस, ग्रामीणों और अग्निशमन दल की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया,जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और ऊंची लपटों के साथ धुएं का गुबार दूर तक फैल गया। मकान के भीतर भारी मात्रा में लकड़ियां, मयाल और गोबर के कंडे रखे होने के कारण आग तेजी से फैली। आसपास बड़ी संख्या में मकान होने के कारण आग के फैलने का खतरा बढ़ गया था। यदि कुछ मिनट और देरी होती, तो आग कई पड़ोसी घरों को अपनी चपेट में ले सकती थी। सुबह 9 बजे हुआ हादसा घटना सुबह करीब साढ़े नौ बजे झाड़ोल निवासी विजयचंद जिमावत के कच्चे मकान में हुई। मकान में रखी ज्वलनशील सामग्री और तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली। आग की लपटें आसपास के मकानों की ओर बढ़ने लगीं, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों से बाहर निकलआए और मौके पर सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही झाड़ोल पुलिस चौकी के कॉन्स्टेबल जगदीश सिंह राठौड़ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम को सूचित किया। कॉन्स्टेबल राठौड़ ने सबसे पहले आसपास के मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकलवाया। उन्होंने आग के आसपास रखी लकड़ियां और अन्य ज्वलनशील सामग्री भी हटवाई, ताकि आग का फैलाव रोका जा सके। पुलिस की मदद से ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की कॉन्स्टेबल जगदीश सिंह ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों व ग्रामीणों ने बाल्टियों व अन्य उपलब्ध संसाधनों से लगातार पानी डालकर आग की रफ्तार को नियंत्रित करने की कोशिश की। उनकी इस तत्परता के कारण दमकल के पहुंचने तक आग को आसपास के मकानों तक फैलने से काफी हद तक रोका जा सका। अग्निशमन दल भी तत्काल मौके पर पहुंचा। अग्निशमन कर्मी जयेश सेवक और शंकरलाल वाल्मीकि ने दमकल वाहन के साथ पहुंचकर लगातार पानी की बौछार कर आग पर पूरी तरह काबू पाया। काफी मशक्कत के बाद आग पूरी तरह बुझाई गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई,हालांकि मकान में रखा घरेलू सामान और ज्वलनशील सामग्री जलकर राख हो गई। घटना के दौरान शान्तिलाल मालवी, राहुल कलाल, दीपक सुथार, गोविंद मीणा, देवीलाल सुथार, भूपेश पटेल ,हिमांशु जैन ,रमेशचंद्र नागदा, शान्तिलाल तेली, कालूलाल सालवी, झमक नागदा, अमरलाल गायरी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करते रहे।