झालावाड़ में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ और पूर्व प्रधान भावना झाला ने मंगलवार को मिनी सचिवालय परिसर से ग्राम रथों को रवाना किया। 15 दिवसीय ग्रामरथ अभियान के तहत यह रथ गांव-गांव जाकर लोगों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारियां देंगे और योजनाओं के प्रति जागरूक करेंगे। यह अभियान जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों के लिए शुरू किया गया है। इस अवसर पर सभी रथों के वाहन ड्राइवरों का माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में सीईओ शंभुदयाल मीणा, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. नरेश कुमार शर्मा, उद्यान विभाग के सहायक निदेशक सुभाष चंद्र सहित कई जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। किसानों और पशुपालकों को सशक्त बनाना है उद्देश्य इस मौके पर कलेक्टर राठौड़ ने बताया कि "ग्राम रथ अभियान" का मुख्य उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को सशक्त बनाना है। इसके तहत उन्हें राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से व्यापक रूप से अवगत कराया जाएगा। झालावाड़ जिले की झालरापाटन, खानपुर, डग और मनोहरथाना की 270 ग्राम पंचायतों में ये रथ संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक रथ प्रतिदिन 4 से 5 स्थानों पर पहुंचकर ऑडियो-वीडियो माध्यम से योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेगा। 13 विभागों की योजनाओं की दी जाएगी जानकारी अभियान में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास सहित कुल 13 विभागों की योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक प्रचार सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। सुझाव पेटिका से मिलेगा जन-फीडबैक अभियान के दौरान ग्राम रथों में स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मुख्यमंत्री का संदेश एवं संवाद प्रसारित किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों में जागरूकता एवं प्रेरणा का संचार होगा। ग्राम रथों में सुझाव पेटिका की व्यवस्था भी की गई है, जिसके माध्यम से ग्रामीणों के सुझाव एकत्रित कर राज्य सरकार तक पहुंचाए जाएंगे, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में और सुधार किया जा सके। साथ ही इस दौरान ग्रामीणों को समस्याओं की सुनवाई भी की जाएगी। अभियान के दौरान स्थानीय कलाकारों के कला जत्थों द्वारा संध्या चौपाल के माध्यम से लोक शैली में योजनाओं एवं ‘ग्राम’ आयोजन का आकर्षक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।