झालावाड़ जिले के रायपुर तहसील क्षेत्र में पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में कटी हुई फसलें अब सड़ने की कगार पर हैं। किसान सुबह फसलों को सूखने के लिए पलटते हैं, लेकिन शाम होते ही फिर बारिश शुरू हो जाती है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। क्षेत्र के किसानों के अनुसार, गेहूं, चना, लहसुन और मेथी जैसी फसलें अभी भी खेतों में पड़ी हुई हैं। बारिश के कारण फसलों में नमी बढ़ गई है, जिससे उन्हें मशीनों से निकालना मुश्किल हो रहा है। कई स्थानों पर फसलें खराब होने लगी हैं, जिससे भारी नुकसान की आशंका है। किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान किसानों ने बताया कि उन्होंने लगभग 6 महीने तक दिन-रात मेहनत करके अपनी फसलें तैयार की थीं। अब बारिश के कारण इन फसलों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। यदि ये फसलें बाजार में बेची भी जाती हैं, तो गुणवत्ता में कमी के कारण उन्हें कम दाम मिलेगा, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इस स्थिति से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। फसल खराब होने से उन्हें अपनी बेटियों की शादी, नए कार्य शुरू करने और परिवार की अन्य जिम्मेदारियों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है। किसानों का कहना है कि लगातार हो रहे नुकसान के कारण खेती से उनका मोहभंग हो रहा है। भारतीय किसान संघ के जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर व बालमुकुंद गुर्जर धामनिया ने बताया कि इस समय किसानों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। सरकार को तुरंत संज्ञान लेते हुए गिरदावरी करानी चाहिए, फसल खराबे का सही आकलन किया जाना चाहिए और किसानों को शीघ्र मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पारदर्शी तरीके से किसानों को लाभ दिलाया जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में किसानों को राहत मिल सके।