झालावाड़ में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. साजिद खान की अध्यक्षता में बुधवार को स्वास्थ्य भवन के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर मीटिंग हॉल में विभिन्न विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ओपीडी समय, ओपीडी, आईपीडी, सी2ई रिपोर्ट, संस्थागत प्रसव, एमएलसी, रेफर दर, स्नेक व डॉग बाइट केस, 104, 108, ममता एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा, भवन, आवास, मार्चरी, ग्राउंड, सोलर, वॉटर कूलर, चिकित्सक एवं स्टाफ की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा व जांच योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आरसीएच गतिविधियां, एनसीडी कार्यक्रम, आउटरीच सर्वे, प्रचार-प्रसार सामग्री, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, आभा आईडी, पीएमएसएमए, पीएमडी और एचपीवी सहित अन्य विभागीय गतिविधियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने सभी प्रभारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम और मौसमी बीमारियों से बचाव को देखते हुए संस्थान पर आने वाले सभी मरीजों को विभागीय योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जाए। इसी क्रम में, झालावाड़ के गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में आठवें पोषण पखवाड़े और विश्व पृथ्वी दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कार्यवाहक प्रिंसिपल अजय मीणा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण के साथ किया। विश्व पृथ्वी दिवस और पर्यावरण संरक्षण के संदेश पर केंद्रित इस कार्यक्रम में कार्यवाहक प्रिंसिपल अजय मीणा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पेड़ लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल करना भी हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। सहायक आचार्य विनय यादव ने पॉलीथिन के उपयोग से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति आगाह किया, वहीं बापू जाट ने ओजोन परत के क्षरण से पृथ्वी और मानव जीवन को होने वाले संभावित नुकसान के बारे में जानकारी दी। पृथ्वी दिवस पर पक्षियों के परिंडे लगाए झालावाड जिला परिषद परिसर में पृथ्वी दिवस के उपलक्ष में पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने लघु गोष्टी हुई। इसमें जिला परिषद परिसर में पक्षियों के लिए पानी के परिंडे बांधे और प्रतिदिन पानी भरने साथ ही पृथ्वी बचाने का संकल्प भी लिया। इसमें बृजेश सारस्वत, अजय चतुर्वेदी, चंद्रशेखर बाथम, ज्योति खत्री, रामावतार भील, दयानंद लोधा, चित्र विजय राठौड़, राजकुमार पंचोली, कृष्णकांत शर्मा, ईश्वर राठोर, गजेन्द्र हाड़ा व अन्य कर्मचारी साथ रहे साथ ही पर्यावरण विद राधेश्याम सालोदिया का सहयोग रहा।