झालावाड़ में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी वीबी-जी राम जी योजना (विकसित भारत रोजगार गारंटी व आजीविका मिशन ग्रामीण) का गुरुवार को जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। झालरापाटन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत दुर्गपुरा के धनवास स्थित महुडिया के पोड़ के पास तालाब गहरीकरण कार्य से योजना की शुरुआत हुई। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के साथ 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा। तालाब गहरीकरण से हुई शुरुआत कार्यक्रम में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़, आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन श्याम सुंदर शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पूजा-अर्चना के बाद गेती-फावड़ा चलाकर तालाब गहरीकरण कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान पौधारोपण भी किया गया तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्र और राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का प्रसारण देखा गया। 125 दिन रोजगार और जल संरक्षण पर फोकस जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्य कराए जाएंगे और पात्र ग्रामीणों को 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना में तालाबों और अन्य जल स्रोतों के गहरीकरण, संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे जल उपलब्धता बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को गति मिलेगी। गुणवत्ता और समयबद्ध कार्य के निर्देश जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही श्रमिकों को नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। ग्रामीणों को दी गई योजना की जानकारी कार्यक्रम में श्रमिकों और ग्रामीणों को वीबी-जी राम जी योजना के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और लाभों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि योजना के तहत जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान भी किया गया। शहरी सेवा शिविर में 27 पट्टे वितरित, जन्म-विवाह प्रमाण पत्र भी मिले झालावाड़ के अकलेरा नगरपालिका में आयोजित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण क्षेत्रीय स्थानीय निकाय विभाग, कोटा के उपनिदेशक दिव्यांशु शर्मा ने किया। उन्होंने विभागीय काउंटरों का निरीक्षण कर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के निर्देश दिए। शिविर में 27 पट्टों का वितरण किया गया। इसके अलावा 5 जन्म प्रमाण पत्र और 2 विवाह प्रमाण पत्र भी लाभार्थियों को दिए गए। अन्य आवेदनों का भी मौके पर निस्तारण कर पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया गया। शर्मा ने कहा कि शिविर का उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर पारदर्शी और त्वरित सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।