झालावाड़ में हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस ने निर्वाचित पार्षदों और उनके परिजनों पर प्रशासनिक दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक के नाम एडिशनल एसपी भागचंद मीना को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और गैर-जरूरी कार्रवाई रोकने की मांग की। कांग्रेस बोली- डर का माहौल बनाया जा रहा कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित पार्षदों के साथ उनके परिजनों को प्रशासन के जरिए परेशान किया जा रहा है। नेताओं का आरोप है कि उन पर दबाव बनाया जा रहा है और डर का माहौल पैदा किया जा रहा है। कांग्रेस के मुताबिक, चुनाव के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की जनता के बीच स्वतंत्र रूप से काम करने का माहौल मिलना चाहिए। कानून के आधार पर हो कार्रवाई ज्ञापन में कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित पार्षदों को बिना किसी डर या दबाव के जनप्रतिनिधि के तौर पर काम करने का अधिकार है। पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली निष्पक्ष संस्थाएं हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कानून और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए। शिकायत हो तो निष्पक्ष जांच की मांग कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसी पार्षद या उसके परिजन के खिलाफ शिकायत या कानूनी मामला है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं, यदि राजनीतिक या निजी कारणों से दबाव बनाने की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो ऐसी कार्रवाई तत्काल रोकी जाए। इन नेताओं ने सौंपा ज्ञापन कांग्रेस नेताओं ने कहा कि निकाय चुनाव के बाद निर्वाचित पार्षदों और उनके परिवारों को बेवजह परेशान करने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस नेता राजेंद्र शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, विष्णु दांगी, पार्षद रिजवान अहमद, तौसीफ गोरी, नरेंद्र राठौर, पार्षद नवीन मेघवाल, ओम पाठक और नंद सिंह राठौड़ सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।