झालावाड़ में रोडवेज बसों से अवैध वसूली कर राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह के सरगना के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने आरोपी के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। आरोपी नरेंद्र सिंह फिलहाल जेल में है। प्रशासनिक टीम ने शनिवार सुबह साकेत नगर निवासी आरोपी नरेंद्र सिंह द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई भूमि पर बने निर्माण को जेसीबी मशीनों की सहायता से गिरा दिया। यह कार्रवाई पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिससे सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि आरोपी ने तालाब और नाले की भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया था। तहसीलदार नरेंद्र मीणा के निर्देशन में पहले तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। इसके बाद साकेत नगर क्षेत्र में नाले पर किए गए अवैध निर्माण पर भी बुलडोजर चलाया गया। राजस्व विभाग ने मौके पर पक्की बाउंड्रीवाल, पार्क और आरसीसी निर्माण सहित अन्य कब्जों को ध्वस्त किया। अधिकारियों के अनुसार ये निर्माण बिना अनुमति सरकारी भूमि पर किए गए थे, जिससे क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीओ सर्किल के निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई। अतिक्रमणकारियों में हड़कंप प्रशासन की इस कार्रवाई से जिलेभर में अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तालाब, नाले, चारागाह और अन्य सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहले हो चुकी है गिरफ्तारी गौरतलब है कि रोडवेज में परिचालकों से अवैध वसूली और गोपनीय सूचनाएं लीक करने के मामले में पुलिस ने पूर्व में झालावाड़ सहित राजस्थान के अन्य जिलों से आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसी क्रम में अब अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है।