पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ झालावाड़ जिले में महिलाओं ने करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। दिनभर उपवास के बाद शाम को महिलाएं चांद निकलने का इंतजार करती नजर आईं। चांद दिखाई देने पर महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर छलनी से चंद्र दर्शन किए और फिर पति का चेहरा देखकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। इसके बाद पतियों के हाथों पानी पीकर व्रत खोला। इस अवसर पर महिलाओं ने वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास, सम्मान और आपसी समझ के महत्व को भी साझा किया। चांद के दीदार के साथ पूरा हुआ व्रत करवा चौथ पर विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को सोलह शृंगार कर पूजा-अर्चना की और चंद्रमा निकलने का इंतजार किया। चांद के दर्शन के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा कर व्रत का पारणा किया। प्रेम और विश्वास से मजबूत होते हैं रिश्ते पुलिस लाइन निवासी शशि सिंह ने कहा कि पति-पत्नी को एक-दूसरे की ताकत बनकर रहना चाहिए। जीवन में सुख-दुख आते रहते हैं, लेकिन दोनों हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ दें तो मुश्किल रास्ते भी आसान हो जाते हैं। अनमोल सिटी निवासी शालू मौर्या ने कहा कि करवा चौथ केवल व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास को मजबूत करने वाला पर्व है। इस दिन परिवार के साथ पूजा करने से मन को विशेष शांति मिलती है। महंगे उपहारों से ज्यादा जरूरी प्यार और सम्मान अलवर जिले से पूजा करने आईं अंजू सिंह ने कहा कि महंगे उपहारों से ज्यादा जरूरी जीवनसाथी का प्यार, सम्मान और समय है। पत्नी की भावनाओं को समझना और उसकी खुशियों का ख्याल रखना ही सच्चे प्रेम की पहचान है। अग्रसेन कॉलोनी निवासी अंशु सुमन ने कहा कि करवा चौथ परिवार और रिश्तों की अहमियत समझाता है। यह पर्व आपसी प्रेम, सम्मान और समर्पण का संदेश देता है। वहीं, रेखा सुमन ने कहा कि करवा चौथ धार्मिक परंपरा के साथ पति-पत्नी के आपसी प्रेम, विश्वास और रिश्तों की मजबूती का प्रतीक भी है। कुसुम शर्मा ने कहा कि वैवाहिक जीवन में प्यार के साथ एक-दूसरे की भावनाओं को समझना और उनका सम्मान करना भी जरूरी है। पारिवारिक एकजुटता की दिखी झलक करवा चौथ के अवसर पर सुनीता कंजोलिया, राजेश मीणा और रेखा पहाड़िया सहित अन्य लोगों ने भी पूजा-अर्चना की। पूरे आयोजन में पारिवारिक एकजुटता और वैवाहिक रिश्तों के प्रति प्रेम व समर्पण की झलक देखने को मिली।