विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट झालावाड़ ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास और 53 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने बताया कि यह मामला 17 फरवरी 2025 को पिड़ावा थाने में दर्ज रिपोर्ट से जुड़ा है। पीड़िता की मां ने शिकायत में बताया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी कक्षा 10 की छात्रा है। 16 फरवरी को सुबह करीब 9 बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन स्कूल नहीं पहुंची। सुबह करीब 11 बजे स्कूल से शिक्षक का फोन आया, जिससे पता चला कि छात्रा उस दिन स्कूल नहीं आई थी। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कहीं पता नहीं चलने पर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 11 मार्च 2025 को पीड़िता को बरामद किया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि रास्ते में आरोपी उसे मिला, जिसने धमकी देकर उसे अपने साथ ले लिया। आरोपी उसे पिड़ावा से बस में बैठाकर भोपाल ले गया। भोपाल में आरोपी एक हॉस्टल में मजदूरी करने लगा और पीड़िता को अपने कमरे में रखता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए, उसे बंधक बनाकर रखा और खाने-पीने की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं करता था। पुलिस टीम पीड़िता के पिता के साथ भोपाल पहुंची और उसे मुक्त कराकर वापस पिड़ावा लाई। इस मामले में 14 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष ने मामले में 15 गवाह और 29 दस्तावेज प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास और 53 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।