झालावाड़ जिले के भवानीमंडी क्षेत्र में एक किसान के खेत में लगे हजारों पपीते के फलदार पौधे धारदार हथियार से काट दिए गए। इस घटना से किसान को भारी नुकसान हुआ है। मामले को लेकर गुरुवार को बड़ी संख्या में पीड़ित किसान और पाटीदार समाज के लोगों ने मिनी सचिवालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह घटना भवानीमंडी के गुराड़िया जोगा गांव की है। किसान आयुष पाटीदार पुत्र राकेश पाटीदार ने अपने लगभग 6 बीघा खेत में अमीना किस्म के करीब 3500 पपीते के पौधे लगाए थे, जिनमें फल आने शुरू हो गए थे। खेत की देखरेख के लिए गांव के सुजान मेघवाल को रखा गया था। सुबह जब सुजान खेत पर पहुंचा तो उसने सभी पौधों को कटा हुआ पाया। किसान ने किया था 10 लाख का निवेश सुजान की सूचना पर पीड़ित किसान आयुष पाटीदार ने खेत पर जाकर देखा और मिश्रोली थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई। किसान ने बताया कि उसने 6 महीने पहले करीब 1.5 लाख रुपए के पौधे लगाए थे और ड्रिप सिंचाई योजना सहित कुल 10 लाख रुपए का निवेश किया था। किसान के अनुसार प्रत्येक पेड़ से लगभग 1500 रुपए से अधिक की आय होती है, जिससे उसे अनुमानित 52 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। पाटीदार समाज ने जिला प्रशासन से राजस्व अधिकारियों द्वारा सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इसके अलावा असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके मकानों को ध्वस्त करने और पुलिस के बीट इंचार्ज गुराड़िया जोगा को हटाने की भी मांग की गई है। 20 तक का दिया अल्टीमेटम इस दौरान किसान और समाज के लोगों ने एसपी अमित कुमार और जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर 20 जुलाई तक कार्रवाई नहीं हुई तो चक्का जाम किया जाएगा। इस मामले में एसपी अमित कुमार ने मौके पर ही मिश्रोली थानाधिकारी को इस मामले को गंभीरता से लेने और कार्यवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर पाटीदार समाज के संरक्षक एडवोकेट विष्णु पाटीदार, सामाजिक संगठनों से जुड़े धीरज पाटीदार, गिरिराज पाटीदार, रामस्वरूप पाटीदार, रमेश पाटीदार, श्याम पाटीदार, कमल पाटीदार समेत समाज के लोग मौजूद रहे।